(क) क्या समाज कल्याण मंत्री बतायेगे कि स्वैच्छिक संस्थाओ के माध्यम से संचालित सहायता प्राप्त (अनुदानित) अनुसूचित जाति छात्रावासों एवं पुस्तकालयों को भवन किराया, बिजली बिल, समाचार पत्रादि, टेलीफोन बिल/ब्रॉडबैंड, आकस्मिक व्यय, अन्य व्यय, भवन मरम्मत, रंगाई-पोताई आदि मदों में अनुदान प्रदान किया जाता रहा है?
(ख) क्या तत्कालीन निदेशक समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश द्वारा वर्ष 2021 में टेलीफोन बिल/ब्रॉडबैंड, आकस्मिक व्यय, अन्य व्यय, भवन मरम्मत तथा रंगाई-पोताई आदि मदों का अनुदान मनमाने ढंग से बंद कर दिया गया था, जिससे छात्रावास संचालन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है?
(ग) क्या विभाग द्वारा वर्तमान में केवल चार मदों (भवन किराया, बिजली बिल, समाचार पत्रादि तथा कर्मचारियों का मानदेय) में ही अनुदान सीमित कर दिया गया है?
(घ) यदि हाँ, तो क्या उल्लिलिखित मदों मेंअनुदान की व्यवस्था सुनिश्चिचत करायेगे?
(ङ) यदि नहीं, तो क्यों ?
—
(क) क्या उच्च शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश के शिक्षक एवं कर्मचारी जो वर्ष 2016 के पूर्व सेवानिवृत्त हुए है उनको एक नोशनल वेतन वृद्धि देने का प्राविधान किया गया है ?
(ख) यदि हॉं, तो उच्च शिक्षा विभाग में ऐसे शिक्षक जो 31 दिसम्बर एवं 30 जून को सेवानिवृत्त हुए है जिनके वेतन वृद्धि की तिथि यदि 01 जनवरी, व 01 जुलाई है तो शासन की मंशा के अनुसार अभी तक उच्च शिक्षा विभाग से सम्बन्धित सेवानिवृत्त शिक्षकों पर लागू क्यो नहीं किया गया ?
(ग) क्या इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध जॉच कराकर जॉच आख्या सदन की मेज पर रखेंगे ?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों ?
जी नहीं।
वित्त विभाग, उ0प्र0 शासन द्वारा निर्गत शासनादेश संख्या-11/2024/सा-3-227/10-19099/4/2024, दिनांक 12-06-2024 के माध्यम से दिनांक 30 जून/31 दिसम्बर को सेवानिवृत्त होने वाले राज्य सरकार के कार्मिकों, जिन्हें यथास्थिति 01 जुलाई/01 जनवरी को वेतनवृद्धि दिया जाना नियत है, द्वारा आहरित अंतिम वेतन में एक नोशनल वेतनवृद्धि जोड़ते हुए पेंशन एवं ग्रेच्युटी के आगणन का प्राविधान किया गया है। ऐसे कार्मिक जो दिनांक 01.01.2006 के उपरांत परंतु प्रश्नगत शासनादेश निर्गत होने के दिनांक 12 जून, 2024 के पूर्व संबंधित वर्ष की 30 जून को सेवानिवृत्त हो चुके थे, उन्हे यह लाभ अनुमन्य होता है परंतु एरियर का भुगतान अनुमन्य नहीं है।
(क) क्या बेसिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश के शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाये जाने का सरकार के पास वर्तमान में अधिकार है?
(ख) क्या दिनांक 01 दिसम्बर, 2024 से दिनांक 31 जनवरी, 2025 के मध्य शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाये जाने का कोई निर्णय लिया गया है?
(ग) क्या समान कार्य का समान वेतन दिये जाने की कोई नीति है?
(घ) यदि हॉ, तो क्या उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
(ड़) यदि नही, तो क्या बेसिक शिक्षा विभाग में समान कार्य का समान वेतन दिये जाने के लिये सरकार कोई नीति बनाने पर विचार करेंगी?
(च) यदि नहीं, तो क्यों?
जी हाँ।
जी नहीं।
जी हाँ, किन्तु शर्त यह है कि पद की प्रास्थिति समान हो, नियुक्ति की प्रक्रिया एवं अर्हताएं समान हों, कार्य एवं दायित्व समान हों।
उपरोक्तानुसार ।
प्रश्न नहीं उठता।
प्रश्न नहीं उठता।
संदीप सिंह
राज्य मंत्री(स्वतन्त्र प्रभार)
बेसिक शिक्षा विभाग।
(क) क्या मुख्यमंत्री बतायेंगे कि प्रश्नकर्ता का पत्र सँख्या-118 बीजेपी यूपी-2024 दिनांक 07/07/2024 जो कि जनपद बाराबंकी के गाटा संख्या-215क स्थित ग्राम गेरावॉ की भूमि से अवैध कब्जा हटवाने के संबन्ध में अध्यक्ष राजस्व परिषद, लखनऊ उ0प्र0 जिलाधिकारी बाराबंकी को तथा अनुस्मारक पत्र संख्या-178 बीजेपी यूपी-2024 दिनांक 05/08/2024 अध्यक्ष राजस्व परिषद, उ0प्र0, मण्डलायुक्त अयोध्या मण्डल अयोध्या तथा जिलाधिकारी बाराबंकी को प्रेषित किया गया था, कब प्राप्त हुआ है?
(ख) उक्त पत्र के मुख्य बिन्दु क्या थे?
(ग) क्या गाटा संख्या-215क सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवा दिया गया है?
(घ) यदि हाँ, तो कब?
(ड़) यदि नहीं, तो क्यों?
जी हां ।
पत्र संख्या-118 बीजेपी यूपी-2024 दिनांक 27.07.2024 को तथा अनुस्मारक पत्र संख्या-178 बीजेपी यूपी-2024 दिनांक 17.08.2024 को प्राप्त हुआ है ।
गाटा संख्या-215(क) पर दबंग ग्राम प्रधान द्वारा किये गये अवैध कब्जे को हटवाया जाना ।
गाटा सं० 215क ग्राम गेरावां जो०च०आ० 45 में खाता संख्या-1 भूमि जो भूमिधरों के अधिकार में हो के संदर्भित भूमिधरों के अधिकार में हो, की श्रेणी में अम्बर बक्श सिंह पुत्र हरख बहादुर सिंह के नाम दर्ज है जिसका कुल क्षेत्रफल 10-2-3 है।
खातेदार अम्बर बक्श सिंह पुत्र हरख बहादुर सिंह की उक्त भूमि अधिकतम जोत सीमा अधिरोपण अधिनियम 1960 अन्तर्गत क्षे0 6-3-0 अतिरिक्त घोषित की गयी, जिसके विरुद्ध क्षेत्रपति अम्बर बक्श सिंह द्वारा अपीलें एवं रिट याचिकाएं दायर की गयीं, जिसमें अन्तिम रूप से रिट याचिका संख्या 3544/1987 में पारित आदेश दिनांक 17.04.1987 द्वारा नियत प्राधिकारी के आदेश दिनाँक 28.03.1981 और अपीलीय अधिकारी आयुक्त फैजाबाद मण्डल फैजाबाद के आदेश दिनाँक 03.03.1987 को निरस्त करते हुए याची का विकल्प प्राप्त करते हुए पुनः गुण दोष के आधार पर भूमि को अतिरिक्त घोषित करने हेतु कार्यवाही के निर्देश दिये गये । इस आदेश के पश्चात अतिरिक्त घोषित भूमि गाटा सं० 215 क्षेत्रफल 6-3-0 विधिक रूप से अतिरिक्त घोषित भूमि नहीं रह गयी ।
यद्यपि राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 215मि0/0.404, 215मि०/0.404, 215 मि०/ 0.379 व 215मि०/0.367हे० अतिरिक्त घोषित भूमि दर्ज है जिसका कुल क्षेत्रफल 1.554हे0 होता है जोकि अतिरिक्त घोषित भूमि 6-3-0 ही है शेष भूमि 215मि0/1.013 अभी भी मूल खातेदार के वारिसान धर्मेन्द्र प्रताप सिंह व रवीन्द्र प्रताप सिंह पुत्र राजकरन सिंह निवासी ग्राम बली गेरावां के नाम संक्रमणीय भूमिधर दर्ज अभिलेख है ।
मा० उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनाँक 17.04.1987 के पूर्व ही उपजिलाधिकारी हैदरगढ द्वारा अतिरिक्त घोषित भूमि का चार व्यक्तियों के नाम आवंटन स्वीकृत किया गया । मा0 उच्च न्यायालय द्वारा याचिका सं0 3544/1987 में पारित आदेश के समादर में धारा 27 (4) अधिकतम जोत सीमा अधिरोपण अधिनियम के अन्तर्गत न्यायालय अपर आयुक्त (प्रशासन) फैजाबाद मण्डल फैजाबाद वाद सं० 54 (2001/02) / बाराबंकी अम्बर बक्श सिंह बनाम गयादीन आदि में पारित आदेश दिनॉक 29.02.2008 द्वारा गाटा सं0 215 क्षे० 6-3-0 का आवंटन उक्त भूमि के सीलिंग भूमि न रह जाने के कारण निरस्त कर दिया गया ।
अग्रेतर न्यायालय नियत प्राधिकारी सीलिंग बाराबंकी के न्यायालय से अम्बर बक्श सिंह की भूमि को नये सिरे से अतिरिक्त भूमि घोषित करने सम्बंधी आदेश सी०एल०एच०-7 पर अंकित नही है और इस कारण गाटा सं० 215मि0 क्षे० 1.554 को अतिरिक्त घोषित भूमि नहीं माना जा सकता है। इस प्रकार गाटा सं0-215क सरकारी भूमि न होकर संक्रमणीय भूमिधर की भूमि है।
उपरोक्तानुसार ।
प्रश्न नहीं उठता ।
योगी आदित्यनाथ
राजस्व विभाग।
(क) क्या मुख्य मंत्री बतायेंगे कि ग्राम-भैरोपुर, परगना-नत्थूपुर, तहसील-घोसी, जनपद-मऊ मे स्थित गाटा संख्या-266 नाली व गाटा संख्या 267 चकमार्ग पर किए गए अवैध अवरोध को हटवायेगें?
(ख) यदि हॉ, तो कब तक ?
(ग)यदि नहीं, तो क्यों ?
(क) क्या उप मुख्यमंत्री(ग्राम्य विकास) बतायेंगे कि जिलाधिकारी मऊ द्वारा पत्रांक संख्या-564/पीए-सीडीओ/जाँच/2024 दिनांक 19.03.2024 को दिए गए निर्देश के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी मऊ द्वारा क्षेत्र पंचायत दोहरीघाट में राज्य वित्त व केन्द्रीय वित्त योजना मे बिना कार्य कराए अनियमित भुगतान किए जाने संबंधी शिकायत की जाँच करने हेतु त्रि-सदस्यीय समिति की जाँच आख्या उपलब्ध कराने के आदेश प्रदान किए गए है?
(ख) जाँच समिति द्वारा जाँच कब पूर्ण कर, जाँच आख्या जिलाधिकारी को उपलब्ध करायी गयी है?
(ग) जाँच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष आया, जाँच रिपोर्ट सदन की मेज पर रखेंगे?
(घ) जाँच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही करा दी जाएगी?
(ड़) यदि नहीं, तो क्यों?
जिलाधिकारी, मऊ के आदेश दिनांक 18-03-2024 के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी, मऊ के आदेश संख्या-564/ पीए-सीडीओ/जॉंच/2024, दिनांक 19-03-2024 द्वारा परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, मऊ की अध्यक्षता में त्रिसदस्यीय जांच समिति गठित की गयी।
आदेश संख्या-564, दिनांक 19-03-2024 द्वारा परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, मऊ की अध्यक्षता में गठित जांच समिति द्वारा दिनांक 06-04-2024 को अपनी जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी, मऊ को प्रस्तुत की गयी। प्रस्तुत रिपोर्ट पर जिलाधिकारी के निर्देश दिनांक 16-04-2024 के क्रम में सम्बन्धित संयुक्त खण्ड विकास अधिकारी का पक्ष प्राप्त किया गया।
संयुक्त खण्ड विकास अधिकारी द्वारा प्रस्तुत पक्ष की पुष्टि हेतु जिलाधिकारी के निर्देश दिनांक 25-06-2024 के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी, मऊ के आदेश दिनांक 01-07-2024 द्वारा पुनः परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, मऊ की अध्यक्षता में त्रि-सदस्यीय जांच समिति गठित की गयी। जांच समिति द्वारा दिनांक 09-09-2024 को जांच पूर्ण कर अपनी जांच आख्या मुख्य विकास अधिकारी, मऊ को प्रस्तुत की गयी।
जांच समिति द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में इंगित वित्तीय अनियमितताओं के दृष्टिगत जिलाधिकारी, मऊ द्वारा अपने आदेश संख्या 809 दिनांक 09-10-2024 द्वारा दुरूपयोगित कुल धनराशि रूपये-8,79,141.00 को प्रकरण में अन्तर्ग्रस्त निम्नलिखित कार्मिकों से प्रत्येक से बराबर-बराबर धनराशि रूपये-2,93,047.00 की वसूली आदेश पारित किया गया है:-
1- श्री कमलेश कुमार राय, तत्कालीन संयुक्त खण्ड विकास अधिकारी, मऊ सम्प्रति खण्ड विकास अधिकारी, कुशीनगर।
2- श्री योगेन्द्र वर्मा, अवर अभियन्ता, लघु सिंचाई, मऊ।
3- श्री नागेन्दर यादव, अवर अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, मऊ।
उपरोक्तानुसार धनराशि वसूली के आदेश के साथ-साथ प्रकरण में अन्तर्ग्रस्त उपरोक्त उक्त अधिकारियों के विरूद्ध आरोप पत्र निर्गत करते हुए अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की गयी है, जिसके क्रम में जांच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है एवं जांच रिपोर्ट प्रतीक्षित है।(क) क्या पंचायतीराज मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश में कार्यरत पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ोत्तरी करते हुए उन्हें स्थायीकरण किये जाने की सरकार के पास कोई कार्य-योजना है?
(ख) यदि हाँ, तो उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
(ग) यदि नही, तो कब तक प्रदेश में कार्यरत पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ोत्तरी करते हुए उनका स्थायीकरण करा दिया जायेगा?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों?
जी नहीं।
प्रश्न नहीं उठता।
प्रश्न नहीं उठता।
ओम प्रकाश राजभर
मंत्री,
पंचायतीराज विभाग।
(क) क्या माध्यमिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि जनपद-हापुड़ में सर्वोदय इण्टर कॉलेज काका टेर हसनपुर एक वित्तविहीन संस्था है?
(ख) क्या शासनादेश संख्या 1084/पंद्रह-9-2022 दिनांक 20 अक्टूबर 2022 द्वारा इण्टरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 की धारा 16 (क) की उप धारा (1) मे संशोधित व्यवस्था लागूू की गई है ?
(ग) क्या इस प्रकार वित्तविहीन संस्थानों पर प्रशासन योजना के प्राविधान लागू नही किये गये है?
(घ) यदि हॉ, तो संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ द्वारा किस व्यव्स्था के अन्तर्गत अपने आदेश संख्या 8653-54/2023-24 दिनांक 26-10-2023 द्वारा उक्त विद्यालय की प्रबंध समिति के कार्यकाल को 3 वर्ष के स्थान पर 5 वर्ष करने का प्रशासन योजना में संशोधन कर दिया गया है?
(ड़) जिला विद्यालय निरीक्षक हापुड़ द्वारा किस व्यवस्था के अंतर्गत उस विद्यालय की प्रबंध समिति के चुनाव प्रशासन योजना के आधार पर कराये गये और अपने पत्र संख्या प्रबंध/1764-67/2024-25 दिनांक 12-06-2024 द्वारा उसे मान्य किया गया?
(च) यदि उक्त अधिकारियों द्वारा अनियमित कार्य किया गया तो क्या उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करायेंगे?
(क) जी हॉं।
(ख) जी हॉं।
(ग) जी हॉं।
(ड़) उपरोक्तानुसार।
(च) उपरोक्तानुसार।
(क) क्या मुख्य मंत्री बतायेंगे कि ग्राम चतुरीखेड़ा तहसील सदर जनपद लखनऊ में स्वीकृत सरकारी नाली का बनाये जाने में बाधॉ उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए शाीघ्र उक्त स्थान पर नाली बनाये जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता का पत्र दिनांक 16 दिसम्बर, 2024 जो कि प्रमुख सचिव मुख्य मंंत्री को सम्बोधित था, प्राप्त हुआ है?
(ख) यदि हॉ,तो उक्त पत्र के मुख्य बिन्दु क्या क्या थे और कब तक उक्त स्थान पर स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नाली का निर्माण करायेंगे?
(ग)क्या उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे ?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों?
(क) क्या बेसिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि जनपद-उन्नाव के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत कितने शिक्षक/कर्मचारी दिनांक 01 जनवरी, 2022 से दिनांक 31 दिसम्बर, 2024 के सेवाकाल में दिवंगत हुये है?
(ख) उक्त का विवरण क्या है तथा इनके आश्रितों को देय लाभ यथा पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा तथा मृतक आश्रित आदि का लाभ अद्यतन प्रदान करा दिेये गये है?
(ग)यदि नहीं, तो इसके क्या कारण है तथा समस्त लाभ आश्रितों को कब तक प्रदान करायेेगे?
जनपद उन्नाव के परिषदीय विद्यालयों में 55 शिक्षक एवं 10 शिक्षणेत्तर कर्मचारी 01 जनवरी, 2022 से दिनांक 31 दिसम्बर, 2024 के सेवाकाल में दिवंगत हुये हैं।
पेंशन
जी०पी०एफ०
बीमा भुगतान
ग्रेच्युटी
मृतक आश्रित का लाभ
42 आश्रितों
को पेंशन भुगतान हो रहा है।
कुल 48 मृतक (शिक्षक / कर्मचारी) जी०पी०एफ० तथा 17 मृतक एन०पी०एस० से आच्छादित थे।
13
आश्रितों
को भुगतान किया जा चुका है।
कुल 30 आश्रितों को मृत्यु ग्रेच्युटी धनराशि का
भुगतान किया गया है।
20
आश्रितों को
नियुक्ति प्रदान की जा
चुकी है।
06 प्रकरणों को अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन लखनऊ मण्डल लखनऊ को प्रेषित किया जा चुका है।
31 शिक्षक / कर्मचारी के जी0पी0एफ0
का
भुगतान हो चुका है।
10 प्रकरण बीमा निदेशालय प्रयागराज को प्रेषित किया गया है।
03 प्रकरणों पर भुगतान की प्रक्रिया गतिमान है।
44 आश्रितों द्वारा अद्यतन आवेदन नहीं किया गया है।
अवशेष-02 प्रकरणों में प्रक्रिया गतिमान है।
17 आश्रितों द्वारा जी0पी0एफ0 भुगतान हेतु आवेदन नहीं किया गया है।
03 शिक्षक/कर्मचारी योजनान्तर्गत पात्र नहीं हैं।
30 आश्रितों द्वारा आवेदन नहीं किया गया है।
01 आश्रित अर्ह नहीं है।
15 आश्रितों द्वारा आवेदन नहीं किया गया है।
39 आश्रितों द्वारा बीमा भुगतान हेतु आवेदन पत्रावली प्रस्तुत नहीं की गयी है।
02 कर्मचारियों की मृत्यु 60 वर्ष की आयु के उपरान्त होने के कारण मृत्यु ग्रेच्युटी देय नहीं है।
सम्बन्धित के आश्रितों द्वारा आवेदन करने के उपरान्त प्रकरणों पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
संदीप सिंह
राज्य मंत्री(स्वतन्त्र प्रभार)
बेसिक शिक्षा विभाग
(क) क्या प्राविधिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि बुन्देलखण्ड अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान झांसी के दो शिक्षक साहित्य चोरी में पकड़े गये थे और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में गठित जॉच समिति ने इन दोनो शिक्षकों को दोषी पाते हुए कड़ी कार्यवाही की सिफारिश भी की थी परन्तु संंस्थान के निदेशक ने जॉच समिति की रिपोर्ट के विरूद्ध प्रोन्नति करतेे हुए प्रोफेसर बना दिया है जबकि विभागीय उच्चाधिकारी द्वारा इस प्रकरण में पत्रावली पर प्रतिकूल टीप की गयी है?
(ख) यदि हॉ, तो क्या उपरोक्त सम्पूर्ण प्रकरण की एक उच्चस्तरीय जॉच कराते हुए सभी बिन्दुओं पर कार्यवाही कराकर की गयी कार्यवाही का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे ?
(ग)यदि नही, तो क्यों?
संस्थान के सदस्यों को कैरियर प्रोन्नयन योजना (CAS) का लाभ अनुमन्य कराये जाने हेतु दिनांक 01.12.2017 को साक्षात्कार के समय 02 संकाय सदस्यों प्रो० यशपाल सिंह, सी०एस०ई० विभाग तथा प्रो० डी०सी० ध्रुबकारिया , ई०एण्ड सी० विभाग पर साहित्यिक चोरी ( प्लेगरिज्म ) का मामला संस्थान के संज्ञान में आया । संस्थान की 25वीं प्रशासकीय परिषद की बैठक दिनांक-24.04.2018 में परिषद द्वारा प्रकरण का पुनर्विचार किये जाने के निर्देश दिये गये, जिसके क्रम मे दिनांक-04.02.2019 को संस्थान की प्रशासकीय परिषद की 26वीं बैठक में परिषद द्वारा प्रकरण की जांच हेतु 05 सदस्यीय एक समिति का गठन किया गया।
(2) प्रकरण में गठित पांच सदस्यीय प्रारम्भिक जांच समिति की संस्तुति को संस्थान की प्रशासकीय परिषद की 36वीं बैठक मे रखा गया । परिषद द्वारा जांच समिति की अनुशंसा के दृष्टिगत दोनों संकाय सदस्यों पर संस्थान के बॉयलाज में प्राविधानित नियमों तथा प्लेगरिज्म (साहित्यिक चोरी) हेतु यू०जी०सी० नियमों में प्राविधानित व्यवस्थानुसार विचार कर सम्यक कार्यवाही किये जाने हेतु प्रो० शिशिर सिन्हा, निदेशक, के०एन०आई०टी०, सुलतानपुर को निर्देशित किया गया ।
(3) प्रकरण में नामित जांच अधिकारी, प्रो० शिशिर सिन्हा, निदेशक, के०एन०आई०टी०, सुलतानपुर ने अपचारी संकाय सदस्यों के विरूद्ध आरोप पत्र देते हुये जवाब मांगा गया । दोनों संकाय सदस्यों द्वारा दिये गये जवाब, प्रकरण में प्राप्त विधिक राय एवं प्रकरण में दोषी छात्र द्वारा सम्पूर्ण जिम्मेदारी स्वयं पर लिये जाने सम्बन्धी तथ्यों का उल्लेख करते हुये पत्र दिनांक-28.10.2021 के माध्यम से जांच अधिकारी की संस्तुतियों को संस्थान की 38वीं प्रशासकीय परिषद की बैठक में रखा गया, जिसमे प्रशासकीय परिषद को जांच आख्या की
वस्तुस्थिति से अवगत होते हुये उक्त दानो संकाय सदस्यों के विरूद्ध चल रही जांच को बंद करने तथा उक्त दोनों संकाय सदस्यो को सुझाव पत्र जारी किये जाने का निर्णय लिया गया कि भविष्य में इनके द्वारा सावधानी पूर्ण कार्य किया जाय।
(4) जहां तक प्रतिकूल टिप्पणी लिखे जाने का प्रश्न है, के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि तत्समय तत्कालीन प्रमुख सचिव, प्राविधिक शिक्षा विभाग, उ0प्र0 शासन/उपाध्यक्ष प्रशासकीय परिषद द्वारा संस्थान की पत्रावली पर उपाध्यक्ष प्रशासकीय परिषद के रूप में यह टीप की गयी थी कि 38वीं प्रशासकीय परिषद की बैठक में प्रस्तुत संस्तुति (जांच अधिकारी प्रो० शिशिर सिन्हा, निदेशक, के०एन०आई०टी०, सुलतानपुर की जांच आख्या ) पर पुनर्विचार किया जाय । दिनांक-15.09.2022 को सम्पन्न हुई 40वीं प्रशासकीय परिषद की बैठक में परिषद द्वारा गम्भीर विचार विमर्श के बाद 38वीं बैठक में इस सम्बन्ध में लिये गये पूर्व निर्णय (जांच समाप्त करने ) पर पुन: अपनी सहमति व्यक्त की गयी ।
उपरोक्तानुसार ।
प्रश्न नहीं उठता ।
(क) क्या पंचायती राज मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश के ग्राम पंचायतों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की पदोन्नति हेतु नियमावली/शासनादेश है?
(ख) यदि हॉ,तो उक्त नियमावली/शासनादेश सदन की मेज पर रखेंगे ?
(ग)जनपद उन्नाव के पात्र सफाई कर्मचारियों की पदोन्नति कब तक की जायेगी ?
उपरोक्तानुसार।
उपरोक्तानुसार।
(क) क्या उप मुख्य मंत्री (ग्राम विकास ) बतायेंगे कि ग्राम रोजगार सेवको का मानदेय जो पिछले आठ महीने से उन्हें नहीं मिला हैं वो कब तक मिल जायेगा जिससे वो अपने परिवार का भरण पोषण कर सके?
(ख) यदि हां, तो कब तक?
(ग) यदि नहीं, तो क्यों?
प्रश्न
उत्तर
18- (क) क्या उप मुख्य मंत्री (ग्राम विकास ) बतायेंगे कि ग्राम रोजगार सेवको का मानदेय जो पिछले आठ महीने से उन्हें नहीं मिला हैं वो कब तक मिल जायेगा जिससे वो अपने परिवार का भरण पोषण कर सके?
(ख) यदि हां, तो कब तक?
(ग) यदि नहीं, तो क्यों?
जी हाँ,
मनरेगा योजना एक केन्द्र पोषित योजना है। मनरेगा योजनान्तर्गत कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान प्रशासनिक मद की धनराशि से किया जाता है। प्रशासनिक मद की शत-प्रतिशत धनराशि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अवमुक्त की जाती है। प्रशासनिक मद में पूर्व में स्वीकृत धनराशि का उपभोग प्रमाण पत्र प्रेषित करते हुए प्रशासनिक मद में धनराशि की स्वीकृति का अनुरोध ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार से किया गया है। भारत सरकार से प्रशासनिक मद की धनराशि प्राप्त होते ही ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय के भुगतान हेतु जनपदों को धनराशि उपलब्ध करा दी जायेगी।
उपरोक्तानुसार।
उपरोक्तानुसार।
केशव प्रसाद मौर्य
मा0 उप मुख्यमंत्री, ग्राम्य विकास विभाग
(क) क्या मुख्य मंत्री बतायेंगे कि माननीय उच्च न्यायालय के अपर शासकीय अधिवक्तओं का मानदेय वर्ष 2016 के बाद कितनी बार बढ़ाया गया है?
(ख) यदि नहीं, तो क्या माननीय उच्च न्यायालय के अपर शासकीय अधिवक्तओं का मानदेय बढ़ाने पर विचार करेंगे?
(ग) यदि हाँ, तो कब तक?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों?
शासनादेश संख्या- डी0 1904/सात-न्याय-3-16-33/79 टी0सी0-।।, दिनांक 27-09-2016 के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद एवं खण्डपीठ लखनऊ में आबद्ध मुख्य स्थायी अधिवक्ता/शासकीय अधिवक्ता (लोक अभियोजक), अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता/अपर शासकीय अधिवक्ता-प्रथम (अपर लोक अभियोजक-प्रथम), स्थायी अधिवक्ता/अपर शासकीय अधिवक्ता-द्वितीय (अपर लोक अभियोजक-द्वितीय ) तथा वाद धारक को वर्तमान में देय विभिन्न प्रकार की फीस एवं भत्तों में वृद्वि/निर्धारित की गयी है।
माननीय उच्च न्यायालय के अपर शासकीय अधिवक्ताओं का मानदेय बढ़ाने जाने सम्बन्धी कार्यवाही/प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
उपरोक्तानुसार।
उपरोक्तानुसार।
(क) क्या बेसिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश में कार्यरत सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाने वाले शिक्षकों को अनुकम्पा के अन्तर्गत मृतक आश्रित कोटे के अन्तर्गत नियुक्ति किये जाने हेतु प्रश्नकर्ता का पत्र दिनांक 13 सितम्बर, 2024 जो कि अ0मु0स0/प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा विभाग को सम्बोधित था प्राप्त हुआ है ?
(ख) क्या उपरोक्त के संबंध में ही ध्रुव कुमार त्रिपाठी, सभापति संसदीय एवं सामाजिक सदभाव समिति का भी दिनांक 16 अक्टूबर, 2024 जो कि अ0मु0स0/प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को सम्बोधित था प्राप्त हुआ है ?
(ग) यदि हॉं, तो उपरोक्त पत्रों के मुख्य बिन्दु क्या-क्या थे क्या उपरोक्त पत्रों के साथ संलग्न पत्रों में पीडितों द्वारा उल्लेख किया गया है, तथा नियुक्ति करने वाले सक्षम अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मॉग की गयी है जिसको न देने के कारण उनको नियुक्ति नहीं दी गयी है ?
(घ) यदि हॉं, तो उपरोक्त प्रकरण की शासन स्तर से किसी अधिकारी से जॉच कराते हुए भ्रष्टाचार में संलिप्त कार्मिकों के विरूद्ध कार्यवाही कराते हुए शीघ्र उपरोक्त पत्रों में इंगित व्यक्तियों को अनुकम्पा के तहत उनकी योग्यतानुसार/तृतीय श्रेणी के पद (अधिसंख्य तृतीय श्रेणी पद पर) पर कब तक नियुक्ति करा दी जायेगी ?
जी हॉ ।
जी हॉ ।
उक्त वर्णित दोनों पत्रों में उल्लिखित मुख्य बिन्दु निम्नवत हैं:-
(1) डॉ० मानसिंह यादव, मा० सभापति विधायी समाधिकारी समिति का पत्र दिनांक 13.09.2024 -
श्री दीपक मिश्र ने अपने पिता स्व० विन्ध्यवासिनी मिश्र के स्थान पर अनुकम्पा नियुक्ति किये जाने, बेसिक शिक्षा अधिकारी भदोही के द्वारा अनियमित तरीके से नियम विरूद्ध इनका आवेदन अस्वीकृत किये जाने, मा0 सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पूर्व ही श्री दीपक मिश्र द्वारा अपना आवेदन संबंधित को प्रस्तुत करने तथा 11 नवम्बर, 2023 को इसी प्रकार एक नियुक्ति छः माह के ब्रिज कोर्स कराने के साथ श्री अन्जनेय त्रिपाठी पुत्र स्व० बबिता को दिये का उल्लेख करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही/धनउगाही की प्रवृत्ति के कारण श्री दीपक मिश्र की वांछित नियुक्ति नहीं किया जाना अंकित है।
संदीप सिंह
राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार)
बेसिक शिक्षा विभाग
(क) क्या बेसिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि द्वितीय सत्र 2024 के प्रथम शुक्रवार हेतु निर्धारित अतारांकित प्रश्न संख्या-15 खण्ड (क) के उत्तर में यह बताया गया है कि शिक्षा मित्र श्रमिक की श्रेणी में नही आते है?
(ख) यदि हॉ, तो शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षा मित्रों को किस श्रेणी में माना गया है?
(ग)शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षा मित्रों को किस तरह के कर्मचारीगण के नाम पर मात्र 10 हजार मानदेय दिया जा रहा है?
(घ)सरकारी खजाने से मानदेय या वेतन पाने वाले शिक्षा मित्रों पर इ0पी0एफ0 क्यों नही लागू है ?
(ड़) क्या उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
जी हॉ।
शिक्षामित्र मानदेय आधारित संविदा कर्मी हैं।
शिक्षामित्र मानदेय आधारित संविदा कर्मी हैं, संविदा आधारित कर्मियों को नियत मानदेय ही दिए जाने की व्यवस्था है। वर्तमान समय में शिक्षामित्रों को मानदेय रू0 3,500/- से बढ़ाकर रू0 10,000/- दिया जा रहा है ।
ई0पी0एफ0 योजना का क्रियान्वयन ऐसे संस्थानों में किया जाता है, जहाँ न्यूनतम् 20 कर्मचारी कार्यरत हैं। शिक्षामित्रों का चयन ग्राम पंचायत स्तर पर परिषदीय विद्यालयों के लिए किया गया है, जिनकी प्रत्येक विद्यालय में स्वीकृत संख्या 02 होने के कारण ई०पी०एफ० योजना लागू किया जाना The Employees' Provident Funds And Miscellaneous Provisions Act, 1952 में दिये गये प्राविधानानुसार अनुमन्य नहीं है ।
उपरोक्तानुसार।
संदीप सिंह
राज्य मंत्री(स्वतन्त्र प्रभार)
बेसिक शिक्षा विभाग
(क) क्या मुख्य मंत्री बतायेंगे कि प्रश्नकर्ता का पत्र संख्या-237 बीजेपी यूपी-2023 दिनांक 14/09/2023 जो कि राजस्व मंत्री तथा पत्र संख्या-236 बीजेपी यूपी-2023 दिनांक 14/09/2023 जिलाधिकारी बाराबंकी को प्रेषित, ग्राम पंचायत भिलवल विकास खण्ड त्रिवेदीगंज, तह0- हैदरगढ़, जनपद-बाराबंकी की गाटा सं0-1003 रकबा-0.876 को अन्त्येष्ठि स्थल के रूप में दर्ज कर अन्त्येष्ठि स्थल निर्माण कराये जाने के संबन्ध में था, कब प्राप्त हुआ है?
(ख) उक्त पत्र के मुख्य बिन्दु क्या थे?
(ग) क्या गाटा सं0- 1003 रकबा-0.876 को अन्त्येष्ठि स्थल के रूप में दर्ज कर निर्माण करा दिया गया है?
(घ) यदि हाँ, तो कब दर्ज कराया गया?
(ड़) यदि नहीं, तो क्यों?
जी हॉ ।
उक्त पत्र का मुख्य बिन्दु ग्राम भिलवल की गाटा संख्या-1003 रकबा 0.876 हे0 को अन्त्येष्टि स्थल के रूप में दर्ज कर निर्माण कराये जाने के संबंध में था ।
जी हॉ । ग्राम भिलवल की गाटा संख्या-1003 रकबा 0.876 हे0 में से रकबा 0.180हे0 को अन्त्येष्टि स्थल के रूप में दिनांक 14 फरवरी, 2025 को अभिलेखों में दर्ज करा दिया गया है । निर्माण के संबंध में खण्ड विकास अधिकारी, त्रिवेदीगंज को पृथक से निर्देशित किया गया है ।
उपरोक्तानुसार।
प्रश्न नहीं उठता ।
(क) क्या बेसिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि जनपद –सहारनपुर में बहुत से प्राइमरी स्कूलों जैसे मलाहेड़ी, जैसे बहुत से स्कूल हैं जिसमे आज भी बच्चे जमीन पर बैठने को मजबूर है?
(ख) क्या इन स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था करायेंगे?
(ग) यदि हां, तो कब तक?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों?
जनपद सहारनपुर में सी०एस०आर० फण्ड/ एन०जी०ओ०/ सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से 121 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बैठने हेतु फर्नीचर (डेस्क-बेंच) सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। जनपद सहारनपुर के प्राथमिक विद्यालय मलाहेड़ी सहित 91 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय फर्नीचर सुविधा विहीन है।
वर्ष 2025-26 में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु बजट प्राविधान कराया जा रहा है।
उपरोक्तानुसार ।
प्रश्न नहीं उठता।
संदीप सिंह
राज्य मंत्री(स्वतन्त्र प्रभार)
बेसिक शिक्षा विभाग
(क) क्या माध्यमिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के द्वारा कितने वित्त विहीन स्कूल प्रदेश में संचालित है एवं इन वित्त विहीन विद्यालयों में कितने शिक्षक पढ़ा रहे हैं?
(ख) क्या शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है एवं वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों को 200 करोड़ रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई थी?
(ग) क्या वर्तमान में वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को सरकारी कोषागार से मानदेय या विशेष प्रोत्साहन राशि देने की कोई योजना उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित है?
(घ) क्या इस पर विचार किया जा रहा है
(क) सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ0प्र0 प्रयागराज के पत्रांक-मा0शि0प0/परिषद-9/1008 दिनांक 17 फरवरी 2025 के अनुसार ‘’प्रदेश में वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों की कुल संख्या- 22048 है तथा इनमें कार्य करने वाले अध्यापकों की कुल संख्या-224525 है।‘’
(ख) जी हॉ।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में अंशकालिक शिक्षकों को मानदेय दिये जाने हेतु बजट में रूपये 200.00 करोड़ का प्राविधान किया गया था। उक्त प्राविधानित धनराशि से स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकगण को विशेष प्रोत्साहन मानदेय दिये जाने हेतु शासनादेश संख्या-1157/15-8-2016-3023/2012 दिनांक 12.09.2016 द्वारा इस प्रतिबन्ध के अधीन व्यवस्था की गई कि ‘’उक्त विशेष प्रोत्साहन मानदेय शासनादेश दिनांक 10.08.2001 में उल्लिखित प्राविधानानुसार संस्था प्रबन्धतंत्र द्वारा भुगतान किये जा रहे परिलब्धियों के अतिरिक्त (over and above) होगा एवं इसे भविष्य के लिए दृष्टान्त नहीं माना जायेगा।‘’
(ग) जी नहीं।
वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के संबंध में शासनादेश संख्या- EM-1443/15-7-2001-1(191)/2000 दिनांक 10.08.2001 द्वारा सेवा शर्ते निर्धारित हैं जिसके अनुसार ही वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की परिलब्धियों के भुगतान का दायित्व संस्था प्रबन्धतंत्र का है इसके अतिरिक्त वित्तविहीन शिक्षकों को अलग से मानदेय या विशेष प्रोत्साहन राशि दिये जाने के संबंध में कोई व्यवस्था निर्धारित नहीं है।
(घ) जी नहीं।
(क) क्या मुख्य मंत्री बतायेंगे कि लाल बिहारी यादव, नेता विरोधी दल, उ0प्र0 विधान परिषद का पत्रांक दिनांक 01.01.2025 जो चकबन्दी आयुक्त, उ0प्र0, लखनऊ को सम्बोधित था प्राप्त हुआ है?
(ख) यदि हाँ, तो क्या पत्र में उल्लिखित बिन्दुओं की जाँच करा ली गई है?
(ग) यदि नहीं ,तो क्यों?
जी हॉ।
जी हॉ।
प्रश्न नहीं उठता।
(क) क्या बेसिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 2023 में प्रदेश में कितने छात्रों को इस योजना के तहत प्रवेश दिया गया है? उक्त समस्त छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम क्या है?
(ख) इसमें से कितनी धनराशि का भुगतान संबंधित विद्यालयों को हो चुका है और जो शेष धनराशि है उसकी प्रतिपूर्ति कब तक विद्यालयों को प्राप्त करायेंगे?
(क) जी हॉ।
वर्ष 2023-24 में 100249 बच्चों का प्रवेश योजना के अर्न्तगत कराया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 में फीस प्रतिपूर्ति पर कुल रू0 27116.73 लाख जनपदों को आवंटित किये गये।
(ख) वित्तीय वर्ष 2023-24 में फीस प्रतिपूर्ति हेतु कुल रू0 27116.73 लाख जनपदों को आवंटित किये गये, जिसमें जनपदों द्वारा कुल रू0 25537.65 लाख विद्यालयों को हस्तान्तरित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में फीस प्रतिपूर्ति की किसी भी धनराशि के बकाया होने की सूचना जनपदों से प्राप्त नहीं है।
संदीप सिंह
राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार)
बेसिक शिक्षा।
(क) क्या उच्च शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश में कितने सहायता/यू0जी0सी0 से मान्यता प्राप्त ऐसे विश्वविद्यालय है जिन्हें सरकार द्वारा वेतन/रख रखाव आदि में वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24 और 2024-25 जनवरी, माह तक कितनी-कितनी धनराशि दी गयी ?
(ख) क्या प्रदत्त धनराशि की एकरूपता समान नहीं है ?
(ग) क्या प्रदत्त धनराशि की असमाानता होने के कारण विश्वविद्यालयों को आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है ?
(घ) आर्थिक असमानता की कारणों की विस्तृत जॉच कराकर जॉच आख्या सदन की मेज पर रखेंगे ?
प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत 22 राज्य विश्वविद्यालय, 01 मुक्त विश्वविद्यालय एवं 01 डीम्ड विश्वविद्यालय संचालित है। इसमें से 15 राज्य विश्वविद्यालय, 01 मुक्त विश्वविद्यालय को वेतन एवं गैर वेतन मद में तथा 01 डीम्ड विश्वविद्यालय को वेतन मद में सहायतार्थ अनुदान दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में जनवरी माह तक इन विश्वविद्यालयों को वेतन एवं गैर वेतन मद में दिये गये अनुदानों का विवरण निम्नवत है:-
(धनराशि करोड रूपये में)
क्र0
संस्था का नाम
मद
2021-22
2022-23
2023-24
2024-25 (जनवरी तक)
1
लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ (कला एवं शिल्प महाविद्यालय सहित)
वेतन
35.00
39.87
51.56
35.00
गैर वेतन
1.68
2.57
1.76
0.88
2
मॉं शाकुम्भरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर
वेतन
0.20
0.50
0.54
5.00
गैर वेतन
0.20
0.20
0.50
0.25
3
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर
वेतन
8.62
8.62
17.24
17.24
गैर वेतन
0.72
1.44
1.44
0.72
4
संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी
वेतन
26.50
29.00
28.49
19.88
गैर वेतन
5.51
2.68
2.75
1.51
5
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी
वेतन
15.32
19.12
27.35
15.32
गैर वेतन
0.59
0.59
0.88
0
6
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ
वेतन
8.48
10.94
11.12
12.00
गैर वेतन
1.50
2.00
2.00
1.66
7
मॉं पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर
वेतन
-
-
-
1.00
गैर वेतन
-
-
-
0.10
8
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ
वेतन
0.12
1.00
0.62
5.00
गैर वेतन
0.20
0.20
0.50
0.25
9
राजा महेन्द्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, अलीगढ
वेतन
0.20
1.00
1.00
5.00
गैर वेतन
0.15
0.20
0.25
0.25
10
दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड विश्वविद्यालय) आगरा
(05 इकाईयों सहित)
वेतन
31.78
34.10
37.36
36.90
11
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर
वेतन
2.00
2.00
2.15
4.00
गैर वेतन
0.25
0.50
0.25
0
12
प्रो0 राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) वि0वि0, प्रयागराज
वेतन
2.50
2.50
2.69
2.90
गैर वेतन
0.13
0.13
0.30
0.17
13
जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया
वेतन
0.4
0.4
2.43
2.5
गैर वेतन
0
0
0.05
0.50
14
गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद
वेतन
-
-
-
1.00
गैर वेतन
-
-
-
0.10
15
मॉं विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मीरजापुर
वेतन
-
-
-
1.00
गैर वेतन
-
-
-
0.10
16
उ0प्र0 राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज
वेतन
0.5
0.5
0.53
0.58
गैर वेतन
0.20
0.10
0.20
0
17
डा0 राम मनोहर लोहिया विधि वि0वि0, लखनऊ
वेतन
1.00
1.00
1.07
1.50
गैर वेतन
0.50
0.50
0.25
1.00
जी हां । विश्वविद्यालय स्वायत्तशासी संस्थान हैं । इनकी आय के अपने स्रोत होते हैं। शासन द्वारा विश्वविद्यालयों को वेतन एवं गैर वेतन मद में मात्र सहायतार्थ अनुदान दिया जाता है।
जी नहीं ।
प्रश्न नहीं उठता ।
(क) क्या बेसिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश में वर्तमान समय में कितने शिक्षा मित्र कार्यरत है?
(ख) शिक्षा मित्रों का प्रदेश के अन्य कार्मिकों की भाॅति कौन-कौन सी सुविधायें कब-कब से प्राप्त हो रही है?
(ग) शिक्षा मित्रों को समान कार्य का समान वेतन न दिये जाने के क्या कारण है?
(घ) क्या उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
(ड़) यदि नहीं, तो क्यों?
वर्तमान में 1,43,450 शिक्षा मित्र कार्यरत हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के शासनादेश दिनांक 30.12.2019 द्वारा विवाहित महिला शिक्षामित्रों हेतु 06 माह का मानदेय सहित मातृत्व अवकाश प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गयी है।
शासनादेश दिनांक 20 जुलाई: 2021 द्वारा शिक्षामित्रों को संविदा वर्ष में अधिकतम 11 दिन का आकस्मिक अवकाश प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गयी है।
मानदेय/संविदा पर कार्यरत शिक्षामित्रों/अनुदेशकों को शासनादेश दिनांक 30.01.2020 द्वारा स्वैच्छिक सामूहिक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी अनुमन्य की गयी है।
शिक्षामित्र एवं सहायक अध्यापक की सेवा शर्तें, अर्हताऐं, चयन प्रक्रिया आदि पूर्णतः भिन्न हैं तथा शिक्षामित्रों एवं अध्यापकों के कार्य एवं दायित्व में भी भिन्नता है, जिसके कारण शिक्षामित्रों की तुलना अध्यापकों से नहीं की जा सकती है।
उपरोक्तानुसार।
प्रश्न नहीं उठता।
संदीप सिंह
राज्य मंत्री(स्वतन्त्र प्रभार)
बेसिक शिक्षा विभाग।
(क) क्या बेेसिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश में कक्षा 01 से कक्षा 08 तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठय पुस्तकें प्रदान किये जाने की व्यवस्था है?
(ख) यदि हॉ, तो जिला मुख्यालयों पर उक्त पाठय पुस्तकें कब पहुॅचाई गई तथा विद्यालयों से कब तक वितरण करा दिये जाने के निर्देश शासन द्वारा दिये गये हैं ?
(ग) क्या उक्त निदेशों की प्रति सदन की मेज पर रखेंगे?
(क) जी हाँ।
प्रदेश में संचालित परिषदीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों,राजकीयविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक/उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों एवं सहायता प्राप्त मदरसों में अध्यनरत कक्षा-1 से 8 तक के समस्त बालकों एवं बालिकाओं को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
(ख) शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु कक्षा 03 से 8 तक की पाठ्य पुस्तकें को अनुबन्ध की तिथि दिनांक 10.01.2024 से 90 दिन के अन्दर आपूर्ति करने हेतु निर्देश दिये गये थे। कक्षा 1 व 2 पाठ्य पुस्तकों को अनुबन्ध की तिथि दिनांक 28.05.2024 से 45 दिन के अन्दर आपूर्ति करने हेतु निर्देश दिये गये थे। निर्धारित तिथि से बिलम्ब से आपूर्ति किये जाने पर कटौती के प्राविधान हैं।
विद्यालयों से वितरण के सम्बन्ध में कोई तिथि निर्धारित नहीं की गयी थी, परन्तु शासन के निर्देशों के अनुपालन में विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से करने तथा जनपद स्तर, ब्लाक स्तर, न्याय पंचायत स्तर तथा विद्यालय स्तर पर, किसी प्रकार का विलम्ब न करने, सत्यापन एवं ढुलाई की प्रक्रिया में अनावश्यक विलम्ब कदापि न करने हेतु निर्देश दिये गये थे, ताकि जनपद स्तर आपूर्ति प्राप्त होने के पश्चात् शीघ्रताशीघ्र विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें वितरित करायी जा सके।
(ग) जी हॉ।
जनपदों को प्रेषित निर्देशों की प्रति संलग्न है।
संदीप सिंह
राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार)
बेसिक शिक्षा विभाग
(क) क्या बेसिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों मे रिक्त सहायक अध्यापकों व प्रधानाध्यापकों के पदों पर भर्ती हेतु विभाग द्वारा दिनांक 25 फरवरी, 2021 को विज्ञापन प्रकाशित कराया गया था?
(ख) यदि हॉ, तो उक्त भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति कब तक प्रदान करायेंगे?
(क) अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापक के चयन परीक्षा का विज्ञापन दिनांक 01 मार्च, 2021 को सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा कराया गया था।
(ख) सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी, उत्तर प्रदेश, प्रयागराजद्वारा प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापकभर्ती परीक्षा आयोजित कराकर परीक्षा परिणाम दिनांक 15.11.2021 को प्रकाशित किया गया था। मा0 उच्च न्यायालय में योजित रिट याचिका संख्या-17233/2021 में पारित आदेश के अनुपालन में संशोधित परीक्षा परिणाम दिनांक 06.09.2022को घोषित किया गया। संशोधित परीक्षा परिणाम के विरूद्ध मा0 उच्च न्यायालय में योजित याचिका संख्या-15944/2022 विपिन सिंह बनाम स्टेट आफ यू0पी0 व अन्य को समविषयक याचिका संख्या-15241/2022 रंजीत कुमार यादव व 28 अन्य को सम्बद्ध करते हुए दिनांक 15 फरवरी, 2024 को याचिका खारिज कर दी गयी।
अवगत कराना है कि याचिका संख्या 15241/2022 रंजीत कुमार यादव व 28 अन्य के साथ सम्बद्ध याचिका संख्या 15944/2022 विपिन सिंह बनाम स्टेट ऑफ यू0पी0 व अन्य में दिनांक 15-02-2024 को मा0 न्यायालय द्वारा अंतिम आदेश के अनुपालन में चयन प्रक्रिया की जानी है
दिनांक 16-03-2024 से 04-06-2024 तक लोकसभा सामान्य निर्वाचन की अधिसूचना प्रभावी होने के दृष्टिगत भर्ती प्रक्रिया में अग्रतर कार्यवाही नहीं की जा सकी है।
मा0 उच्च न्यायालय के उपरोक्त आदेश के पश्चात उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल(जूनियर हाई स्कूल) (अध्यापकों की भर्ती एवं सेवा शर्तें) (सातवां) संशोधन नियमावली-2019 के प्राविधानों के अनुसार भर्ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
संदीप सिंह
राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार)
बेसिक शिक्षा।
(क) क्या माध्यमिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि जनपद-कानपुर नगर के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों के देयकों की अवशेष के रूप में कुल कितनी धनराशि दिनांक 31/12/2024 तक भुगतान हेतु लम्बित है?
(ख) उक्त का विद्यालयवार विवरण क्या है तथा लम्बित अवशेष देयकों का भुगतान कब तक करायेंगे?
गुलाब देवी
माध्यमिक शिक्षा विभाग, उ0प्र0
(क) क्या मुख्य मंत्री बतायेंगे कि प्रश्नकर्ता का पत्र दिनांक 29 जनवरी, 2025 जो कि सचिव राजस्व/चकबंदी आयुक्त को संबोधित एवं ग्राम-बरगदवां उर्फ गनवरिया परगना-विनयकपुर, तप्प-मर्चवार, तहसील-नौतनवा, जनपद-महराजगंज में द्वितीय चक्र की चकबंदी कराये जाने विषयक है, प्राप्त हुआ है?
(ख) यदि हाॅ,तो उक्त पत्र पर क्या कार्यवाही की गयी है?
(ग) यदि नहीं, तो क्यों?
जी हॉ।
(क) क्या जल शक्ति मंत्री बतायेंगे कि जनपद-मैनपुुरी के वरनाहल ब्लाक के राजस्व ग्राम सोथरा में पानी की टंकी पेयजल हेतु बनाई गई है, जिसकी गुणवत्ता की जांच करायी गई है?
(ख) आज की स्थिती में क्या उसकी गुड़वत्ता बहुत ही खराब है?
(ग)यदि हॉ, तो क्यों तथा उक्त की जांच कब तक करायेंगे ?
जनपद मैनपुरी के विकास खण्ड- बरनाहल में निर्माणाधीन सोथरा ग्राम पेयजल योजना के अन्तर्गत पानी की टंकी का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता की जांच थर्ड पार्टी इन्स्पेक्शन एजेंसी के माध्यम से करायी गयी है।
जी नहीं। निर्माणाधीन पानी की टंकी के निर्माण कार्यों की जांच में गुणवत्ता संतोषजनक एवं मानक के अनुरूप पाई गयी है।
प्रश्न नहीं उठता।
स्वतंत्र देव सिंह
मंत्री
जल शक्ति,
(सिंचाई एवं जल संसाधन, सिंचाई (यांत्रिक), बाढ़ नियंत्रण,
नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, लघु सिंचाई एवं परती भूमि विकास विभाग)।
(क) क्या माध्यमिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश में प्राच्य भाषा संस्कृृत विद्यालयों में कुल कितने शिक्षकों के कितने पद सृजित है, तथा सृजित पदों के सापेक्ष कितने शिक्षक नियुक्त हैं एवं कितने पद कब से रिक्त चल रहे है?
(ख) इसके क्या कारण हैं?
(ग) उक्त संस्कृत विद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति कब तक करायेंगे?
(क) प्रदेश में संचालित राजकीय/सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों में कुल 2080 शिक्षकों के पद सृजित हैं तथा सृजित पदों के सापेक्ष 955 शिक्षक नियुक्त/कार्यरत हैं। शिक्षकों के अधिवर्षता आयु आदि पूर्ण करने के उपरान्त 1125 पद रिक्त चल रहे हैं।
(ख) सेवानिवृत्ति से फलित रिक्ति के कारण।
(ग) संस्कृत विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराये जाने हेतु शासन प्रतिबद्ध है। वर्तमान में 1010 मानदेय शिक्षकों से शिक्षण कार्य कराया जा रहा है।
प्रदेश में संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में प्रधानाचार्य/अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ किये जाने हेतु निदेशालय के पत्रांक- सामान्य(2) विस्तार/10876/2024-25 दिनांक 12.11.2024 एवं पत्रांक-सामान्य(2) विस्तार/ 15154/2024-25 दिनांक 27.01.2025 द्वारा प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है, जो शासन स्तर पर परीक्षणाधीन है।
(क) क्या माध्यमिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि प्रश्नकर्ता के पत्र, पत्रांक संख्या-क-084341 जो कि मुख्यमंत्री को संबोधित एवं प्रदेश के राजकीय हाईस्कूलों में कार्यरत अधीनस्थ राजपत्रित प्रधानाध्यापकों के साथ किये जा रहे अन्याय को रोकने विषयक है, प्राप्त हुआ है?
(ख) यदि हाँ तो पत्र में किन-किन बिन्दुओं का उल्लेख कर कार्यवाही की माँग की गयी है?
(ग) उक्त पत्र में उल्लिखित बिन्दुओं पर बिन्दुवार क्या कार्यवाही की गयी है?
(घ) क्या उक्त का विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
(ड़) यदि नहीं, तो क्यो?
(क) क्या बेसिक शिक्षा मंत्री बतायेंगे कि उत्तर प्रदेेश में शिक्षा से सम्बन्धित अशासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान हेतु पूूर्व से प्रचलित विद्यालयों को अनुदान सूची पर लिये जाने की व्यवस्था संचालित हैं ?
(ख) यदि हॉ,तो वर्ष 2000 के उपरान्त विद्यालयों को अनुदान सूची पर न लिये जाने के कारणों का विवरण सदन की मेज पर रखेंगे ?
(क)जी नहीं |
प्रकरण में योजित याचिका संख्या -38992/2017
जय राम सिंह व अन्य बनाम उ0प्र० राज्य में
पारित आदेश दिनाँक 23-05-2019 के अनुपालन
में शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या-499/अडसठ-
3-2020, दिनांक 14 जुलाई, 2020 के क्रम में
वर्तमान में पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को अनुदान
सूची पर लिए जाने की कोई नीति नहीं है।
(ख) प्रश्न नहीं उठता।
संदीप सिंह
राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार)
बेसिक शिक्षा।
(क) क्या उप मुख्यमंत्री (चिकित्सा शिक्षा) बतायेंगे कि सैफई मेडिकल कालेज में इस समय कितने डॉक्टर हैं तथा कितने पद रिक्त है?
(ख) यदि रिक्त पद हैं, तो डॉक्टरों की तैनाती कब तक करायेगें?
(ग) यदि नहीं, तो क्यों?
वर्तमान में उ0प्र0 आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई, इटावा में 212 चिकित्सा शिक्षक कार्यरत हैं तथा चिकित्सा शिक्षक के 276 पद रिक्त हैं। उक्त रिक्त 276 पदों में मानकीकरण विषयक शासनादेश दिनांक-24 फरवरी, 2023 द्वारा सृजित 202 पद भी सम्मिलित हैं।
चिकित्सा शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने हेतु निरंतर रोलिंग विज्ञापन के माध्यम से चयन की कार्यवाही प्रचलित है।
उपर्युक्तानुसार।
(क) क्या पशुधन मंत्री बतायेंगे कि बुन्देलखण्ड में बेसहारा/निराश्रित गोवंश से सड़क मार्ग पर चलने वाले वाहनों से कितनी दुर्घटनायें प्रकाश में आयी हैं ?
(ख) दुर्घटना में घायल गोवंश की चिकित्सा हेतु बुन्देलखण्ड में कितने पशु चिकित्सालय क्रियाशील है उसका विवरण सदन की मेज पर रखेंगे ?
(ग) बुन्देलखण्ड में बेसहरा/निराश्रित घायल गोवंश की नि:शुल्क चिकित्सा एवं गौशाला स्थापित किये जाने हेतु निजी संस्थाओं के कितने प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं ?
(घ) क्या प्राप्त प्रस्तावों पर कृत कार्यवाही का विवरणर सदन की मेज पर रखेंगे ?
(ड.) यदि नहीं, तो क्यों ?
(क) जी हॉं।
बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जनपद जालौन में 03 तथा झांसी में 03 दुर्घटनायें होने की सूचना प्राप्त हूयी है।
(ख) जी हां।
दुर्घटना में घायल गोवंश एवं अन्य बीमार पशुओं की चिकित्सा हेतु बुन्देलखंड में कुल 130 पशुचिकित्सालय तथा 33 मोबाईल वेटनरी यूनिट क्रियाशील है।
(ग) बुन्देलखण्ड में बेसहारा/निराश्रित घायल गोवंश की नि:शुल्क चिकित्सा एवं गोशाला स्थापित किए जाने हेतु मात्र एक प्रस्ताव निजी संस्था दया भावना फाउन्डेशन झांसी का प्राप्त हुआ है।
(घ) प्रकरण में सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त प्रदेश के गोआश्रय स्थलों तथा पशुपालन विभाग की संस्थाओं की स्थापना एवं विभागीय गतिविधियों के संचालन हेतु ग्राम सभा- बम्हरौली, परगना- मोंठ, तहसील मोंठ, जनपद झांसी में गाटा संख्या 606मि० रकबा 9.777हे० भूमि, जो कृषि विभाग के नाम श्रेणी-1 विभागीय भूमि के रूप में दर्ज है तथा वर्तमान में खाली है, में से 05 एकड़ भूमि, पशुपालन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरण किये जाने का निर्णय लिया गया है तथा तत्क्रम में जिलाधिकारी, झांसी को प्रश्नगत भूमि राजस्व अभिलेखों में पशुपालन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी के स्तर से उक्त भूमि का अंकन राजस्व अभिलेखों में पशुपालन विभाग के नाम होने पर गुण दोष के आधार पर यथोचित अग्रिम निर्णय सक्षम स्तर के अनुमोदनाधीन है।
(ड.) प्रश्न नहीं उठता।
धर्मपाल सिंह
मंत्री,
पशुधन विभाग, उ0प्र0।(क) विधान परिषद के प्रथम सत्र 2024 के प्रथम गुरुवार दिनांक 08/02/2024 को उत्तरित अतारांकित प्रश्न सं0-04 के क्रम में क्या उप मुख्य मंत्री (चिकित्सा शिक्षा ) बताएंगे की एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ में कोरोना मानदेय / प्रोत्साहन धनराशि का भुगतान किए जाने संबंधी विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पत्र सं पी0जी0आई0/माइक्रो/115/2024दिनांक 31/01/2024 व पत्र संख्या पी0जी0आई0/माइक्रो/116 /2024दिनांक 31/01/2024 तथा पत्र संख्या पी0जी0आई0/माइक्रो/328 /2024 दिनांक 20/03/2024 के साथ संलग्न सूची संस्थान के किन किन आधिकारियों को प्राप्त हुई है, उनके नाम क्या है ?
(ख) उक्त पत्रों के साथ में संलग्न सूची में उल्लिखित नामों में अब तक कुल कितने कर्मियों को मानदेय /प्रोत्साहन धनराशि का भुगतान कर दिया गया है ?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों ?
प्रश्नगत सूची दिनांक 31-01-2024 को संबंधित नोडल अधिकारी से चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय को प्राप्त हुई थी, जिसे कार्यपालक कुल सचिव, नोडल अधिकारी स्वच्छता सेवाएं, कन्ट्रोलिंग आफीसर आउटसोर्सिग सर्विसेज तथा विभागाध्यक्ष माइक्रो बायॅलॉजी को प्रेषित की गयी थी।
उक्त सूची में उपलब्ध 189 कर्मियों में से नियमित 35 कर्मियों तथा 35 आउटसोर्सिग कर्मियों एवं 07 सफाई कर्मियों इस प्रकार कुल-77 कर्मियों को मानदेय का भुगतान कर दिया गया है।
उपर्युक्तानुसार।
(क) क्या पशुधन मंत्री बतायेंगे कि बेसहारा/निराश्रित गोवंंश संरक्षण योजना के अंतर्गत प्रदेश में निराश्रित गोवंश आश्रम स्थलों की संख्या कितनी है?
(ख) बेसहारा/निराश्रित गोवंश आश्रम मे कितने गोवंश संरक्षित किये गये है?
(ग) प्रति गोवंश आश्रम पर पशुपालन विभाग द्वारा क्या-क्या सुविधायें प्रदान की जा रही है?
(घ) बुन्देलखण्ड क्षेत्र में बेसहारा/निराश्रित गोवंश के संरक्षण की पशुपालन विभाग द्वारा कोई विशेष योजना संचालित की जा रही है उसका विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
(क) जी हॉं।
प्रदेश में अद्यतन ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्थापित 6744 अस्थायी गो आश्रय स्थल, 291 कान्हा गोशाला, 306 कांजी हाउस तथा 372 वृहद गो संरक्षण केन्द्रों सहित कुल 7713 गो आश्रय स्थलों की स्थापना की गई है।
(ख) निराश्रित/बेसहारा गो आश्रय स्थलों में 12,43,623 गोवंश संरक्षित किये गये हैं।
(ग) प्रति गोवंश आश्रय स्थल पर गोवंशों के भरण-पोषण, चिकित्सा, टीकाकरण तथा रखरखाव की सुविधा प्रदान की जा रही है।
(घ) जी नहीं।
बुन्देलखण्ड क्षेत्र में बेसहारा/निराश्रित गोवंश संरक्षण की कोई विशेष योजना संचालित नहीं की जा रही है।
धर्मपाल सिंह
मंत्री,
पशुधन विभाग, उ0प्र0।(क) क्या उप मुख्य मंत्री (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) बतायेंगे कि अपर निदेशक मलेरिया एवं बी0बी0डी0 उत्तर प्रदेश के पंत्राक संख्या माल0ए0/एम0आई0/वेतन विसं0/2021-22/452 के क्रम मे मलेरिया निरीक्षक एवं फाइलेरिया निरीक्षकों के पदों को संविलिन कर उच्चीकृत वेतनमान ग्रेड पे 2800 कर दिया गया है?
(ख) यदि हॉ, तो कब ?
(ग) यदि नहीं, तो क्यों?
जी नहीं।
प्रश्न नहीं उठता।
वित्त विभाग के शासनादेश दिनांक 10.07.2024 द्वारा वेतन समिति (2016) की संस्तुतियों के परिप्रेक्ष्य में संवर्गीय ढांचे की वर्तमान व्यवस्था को यथावत रखे जाने का निर्णय लिया गया है।
(क) क्या उप मुख्य मंत्री(चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) बतायेंगे कि दिनांक 31 जनवरी, 2024 से दिनांक 31 जनवरी, 2025 तक वाराणसी, मण्डल के अन्तर्गत आने वाले जिला चिकित्सालयों में किस रोग के सर्वाधिक मरीजों का इलाज किया गया है।
(ख) क्या शासन स्तर के अधिकारियों द्वारा वाराणसी, मिर्जापुर व आजमगढ़ के जिला चिकित्सालयों में निरीक्षण भी उक्त अवधि में किया गया है?
(ग) क्या उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
(घ) यदि नहीं तो क्यों?
जी हॉ।
सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उ0प्र0, शासन द्वारा श्री शिव प्रसाद गुप्ता मण्डलीय जिला चिकित्सालय, वाराणसी का निरीक्षण दिनांक 25-07-2024 को किया गया।
प्रश्न नहीं उठता।
ब्रजेश पाठक
उप मुख्यमंत्री
(क) क्या पर्यटन मंत्री बताएंगे कि प्रश्न कर्ता का पत्र दिनाँक 15.10.2024 जो आपको संबोधित जनपद हरदोई , तहसील - बिलग्राम, वि0ख0- माधौगंज के ग्राम समुखा में देव स्थान शंकर जी के मंदिर हेतु मूलभूत पर्यटक सुविधायें उपलब्ध कराए जाने विषयक था , प्राप्त हुआ है ?
(ख) यदि हाँ , तो उक्त पत्र के मुख्य बिन्दु क्या थे तथा उक्त पर क्या कार्यवाही की गई ?
(ग) क्या देव स्थान शंकर जी में पर्यटकों को मूलभूत सुविधाऐं उपलब्ध कराए जाने हेतु सर्वे जिला स्तर पर कराया गया है ?
(घ) यदि हाँ, तो क्या -क्या कार्य कराये जाने है तथा उन पर कितना धन आगणनानुसार व्यय होना है ?
(ङ ) जनहित में उक्त प्राचीन देव स्थान शंकर जी के मंदिर में मूलभूत पर्यटक सुविधायें उपलब्ध कराए जाने हेतु स्वीकृति प्रदान कर कब तक पूर्ण करायेंगे ?
जी, हॉं ।
जयवीर सिंह
मंत्री
पर्यटन विभाग
(क)क्या उप मख्य मंत्री (चिकित्सा शिक्षा ) बताएंगे कि एस0जी0पी0जी0आई0 कर्मचारी महासंघ का पत्र दिनांक 25/11/2024 आर0एस0डी0 नं0 432794 जो निदेशक एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ को संबोधित है तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा उ0प्र0 शासन व अन्य को पृष्ठाँकित है, प्राप्त हुआ है ?
(ख) यदि हाँ , तो उक्त पत्र किस विषय से संबंधित है तथा उसमे क्या लिखित है ?
(ग) उक्त पत्र पर निदेशक द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण सदन की मेज पर रखेंगे ?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों ?
निदेशक, संजय गॉधी आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ द्वारा इस संबंध में शासन को अभी तक कोई प्रस्ताव उपलब्ध नहीं कराया गया है।
उपर्युक्तानुसार।
(क) क्या मुख्य मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश में सैनिकों के कल्याण हेतु कौन कौन सी योजनाए वर्तमान में प्रचलित है और उक्त योजनाओं में वर्ष, वार क्या क्या बढ़ोत्तरी कब कब की गयी है?
(ख) क्या उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
(ग) यदि नहीं, तो क्यों?
---[ निरस्त ]---
(क) क्या पशुधन मंत्री बतायेंगे कि प्रश्नकर्ता का पत्र संख्या-349 बीजेपी यूपी- 2024 दिनांक 17/12/2024 जो कि ग्राम पंचायत गेरावाँ विकास खंड हैदरगढ़ जनपद बाराबंकी, उ0प्र0 की गौशाला में विभिन्न मदों से प्राप्त धनराशि की अनियमितता तथा गौशाला में जीवित/मृत गोवंशों को कुत्तो द्वारा नोंचकर खाने की उच्चाधिकारियों से जांच कराकर जिम्मेदार लापरवाह अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही कराये जाने के संबन्ध में जिलाधिकारी बाराबंकी को भी प्रंषित था, कब प्राप्त हुआ?
(ख) उक्त पत्र के मुख्य बिन्दु क्या थे?
(ग) क्या जांच कराकर लापरवाह, जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही की गयी है?
(घ) यदि हाँ, तो क्या?
(ड़) यदि नहीं, तो क्यों?
विधान परिषद् के प्रथम सत्र, 2025 के प्रथम गुरूवार के लिये निर्धारित, श्री अनूप कुमार गुप्ता, मा0 सदस्य, विधान परिषद् द्वारा पूछे गये अतारांकित प्रश्न संख्या-4 का उत्तर।
प्रश्न
उत्तर
4 (क) क्या पशुधन मंत्री बतायेंगे कि प्रश्नकर्ता का पत्र संख्या-349 बीजेपी यूपी-2024 दिनांक 17.12.2024 जो कि ग्राम पंचायत गेरावाँ विकास खण्ड-हैदरगढ़, जनपद- बाराबंकी, उ0प्र0 की गौशाला में विभिन्न मदों से प्राप्त धनराशि की अनियमितता तथा गौशाला में जीवित/मृत गोवंशों को कुत्तों द्वारा नोंचकर खाने की उच्चाधिकारियों से जांच कराकर जिम्मेदार लापरवाह अधिकारी/ कर्मचारी पर कार्यवाही कराये जाने के संबंध में जिलाधिकारी, बाराबंकी को भी प्रेषित था, कब प्राप्त हुआ?
जी हाँ।
उक्त पत्र संख्या-349 बीजेपी यूपी-2024 दिनांक 17.12.2024 जिलाधिकारी, बाराबंकी कार्यालय के माध्यम से दिनाँक 25.12.2024 को कार्यालय मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, बाराबंकी को प्राप्त हुआ।
(ख) उक्त पत्र के मुख्य बिन्दु क्या थे?
उक्त शिकायती पत्र में ग्राम पंचायत-वली गेरावां, विकास खण्ड हैदरगढ, जनपद-बाराबंकी स्थित गौशाला में विभिन्न मदों से प्राप्त धनराशि के बन्दरबांट की तथा गोशाला में जीवित/मृत गोवंशों को कुत्तों द्वारा नोचकर खाने की उच्चाधिकारियों से जाँच कराकर जिम्मेदार लापरवाह अधिकारी/ कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही कराये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही का अनुरोध किया है।
(ग) क्या जांच कराकर लापरवाह, जिम्मेदार अधिकारी/ कर्मचारी पर कार्यवाही की गयी है?
जी हॉ।
उक्त प्रकरण की जाँच खण्ड विकास अधिकारी तथा उप जिलाधिकारी, हैदरगढ़, बाराबंकी द्वारा संयुक्त रूप से की गयी थी। उनके स्तर से प्राप्त जाँच आख्या के अनुसार गोशाला में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं पायी गयी तथा किसी भी अधिकारी/कर्मचारी की लापरवाही प्रकाश में नहीं आयी है।
(घ) यदि हाँ, तो क्या?
प्रश्न नहीं उठता।
(ड़) यदि नहीं, तो क्यों?
प्रश्न नहीं उठता।
(क) क्या उप मुख्य मंत्री (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) बतायेंगे कि जनपद मैनपुरी के जिला अस्पताल में इस समय कितने डॉक्टर है तथा कितने पद रिक्त है?
(ख) यदि रिक्त पद है तो डॉक्टरों की तैनाती कब तक करायेगे?
(ग) यदि नहीं, तो क्यों?
ब्रजेश पाठक
उप मुख्यमंत्री(क) क्या उप मुख्य मंत्री (चिकित्सा शिक्षा) बतायेंगे कि एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ में संविदा/आउटसोर्सिंग के प्रत्येक संवर्ग में संवर्गवार कुल कितने कर्मचारी कार्यरत है?
(ख) क्या संविदा/आउट सोर्सिंग की भर्ती में चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-2 के शासनादेश फाइल नं0 71-20199/961/2021-2-1/106322/2021 दिनांक 11/10/2021 का पालन हो रहा है?
(ग) यदि हाँ, तो प्रत्येक संवर्ग में संवर्गवार अनारक्षित/एस0सी0/एस0टी0/ओ0बी0सी0 के कुल कितने कर्मचारी कार्यरत है?
(घ) क्या संस्थान में संविदा/आउट सोर्सिंग में आरक्षण कोटा पूर्ण कर लिया गया है?
(ड़) यदि नहीं, तो क्यों?
एस0जी0पी0जी0आई0 संस्थान में आउट सोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मियों का विवरण निम्नानुसार है:-
सेवाएं:-
1-
नर्सिंग
438
2-
टेक्नीशियन
152
3-
एम.एस.डब्लू
22
4-
डायटीशियन
25
5-
फिजियोथेरेपिस्ट
21
6-
फार्मासिस्ट
71
मैनपॉवर:-
1-
डाटा इन्ट्री असिस्टेन्ट
86
2-
पेशेंन्ट हेल्पर
824
3-
ड्राइवर
22
जी हॉं।
सेवाएं:-
अना.
अ.पि.व.
अनु.जा
अ.ज.जा
कुल
नर्सिंग
139
229
67
03
438
टेक्नीशियन
52
77
23
00
152
एम.एस.डब्लू
18
04
00
00
22
डायटीशियन
12
08
05
00
25
फिजियोथेरेपिस्ट
10
08
03
00
21
फार्मासिस्ट
29
29
13
00
71
मैनपॉवर:-
डाटा इन्ट्री असिस्टेन्ट
38
32
16
00
86
पेशेंन्ट हेल्पर
209
331
280
04
824
ड्राइवर
10
10
02
00
22
सेवा प्रदाताओं के मध्य निष्पादित हुए अनुबन्ध के अधीन चयन में आरक्षण नियमों का अनुपालन किए जाने की शर्त उपलब्ध है, जिसके अनुसार सेवा प्रदाता द्वारा चयन कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है।
उपर्युक्तानुसार।
(क) क्या उप मुख्य मंत्री (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) बतायेंगे कि प्रश्नकर्ता के तृतीय सत्र 2024 के प्रथम गुरूवार को उत्तरित तारांकित प्रश्न संख्या-7 के क्रम में बतायेंगे कि गैस्ट्रो लीवर चिकित्सालय पैडलगंज, गोरखपुर में डा0 माधवी सरकारी को निजी चिकित्सालय में योगदान देने एवं मरीज के साथ कि गए दृर्व्यवहार की शिकायत की जॉच किस स्तर से करायी गयी है तथा जॉच में क्या निष्कर्ष सामने आए?
(ख) क्या जॉच आख्या सदन की मेज पर रखेंगे?
(ग)यदि नहीं, तो क्यों?
प्रश्नगत प्रकरण की प्रथम जांच उपमुख्य चिकित्साधिकारी, गोरखपुर द्वारा की गयी तथा द्वितीय जांच अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गोरखपुर मण्डल, गोरखपुर द्वारा 02 संयुक्त निदेशकों की टीम गठित कर करायी गयी। दोनों जांचों के संक्षिप्त निष्कर्ष निम्नवत् हैं:-
निरीक्षण के दौरान अस्पताल पंजीकृत पाया गया, जिसकी वैधता 30.04.2025 तक है। निरीक्षण के समय योग्य चिकित्सक एवं प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित पाए गए। हास्पिटल मानक के अनुरूप पाया गया।
जी हां। (दोनों जांच आख्यायें संलग्न है)
प्रश्न नहीं उठता।
ब्रजेश पाठक
उप मुख्यमंत्री
क) क्या उप मुख्य मंत्री(चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) बतायेंगे कि उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अनुभाग में विचाराधीन चिकित्सा प्रतिपूर्ति जो कि जनपद-सोनभद्र के अभिसूचना विभाग में कार्यरत कार्मिकों की समस्त औपचारिकतायें पूर्ण कराते हुए स्वीकृत किये जाने हेतु प्रश्नकर्ता का पत्र दिनांक 30 जनवरी, 2025 जो कि मुख्यमंत्री को सम्बोधित था, प्राप्त हुआ है?
(ख) यदि हाँ, तो उक्त दावे शासन में कब प्राप्त हुये है और अभी तक स्वीकृत न होने के लिये कौन-कौन कार्मिक उत्तरदायी है?
(ग) कब तक समस्त औपचारिकतायें पूर्ण कराते हुए उक्त चिकित्सा प्रतिपूर्ति को स्वीकृत करायेंगे?
जी नहीं।
प्रश्न नहीं उठता।
उपरोक्तानुसार।
ब्रजेश पाठक
उप मुख्यमंत्री।
(क) क्या उप मुख्य मंत्री (चिकित्सा शिक्षा) बतायेंगे कि जनपद-सहारनपुर में शेखल हिन्द मौलाना मेडिकल कालेज मे सी0टी0 स्कैन व अन्य सुविधायें नही है जिस कारण मरीजों को बाहर हायर सेन्टर जाना पड़ता है?
(ख) यदि हॉ, तो कब तक यह सब सुविधायें सुचारू रूप से चालू हो जायेंगी?
(ग) यदि नहीं, तो क्यों?
राजकीय मेडिकल कालेज सहारनपुर में ई0सी0आर0पी0-2 येाजना के अंतर्गत सी0टी0 स्कैन मशीन की स्थापना दिनांक 25.06.2024 को की जा चुकी है। सी0टी0 स्कैन मशीन द्वारा दिनांक 25.06.2024 से ही रोगियों की जॉच की जा रही है।
राजकीय मेडिकल कालेज सहारनपुर से सम्बद्ध चिकित्सालय में आई0सी0यू0, एस0आई0सी0यू0, पी0आई0सी0यू0 की सुविधायें, पैथालॉजिकल सेवायें व डिजीटल एक्स-रे की सुविधायें 24x7 उपलब्ध हैं। नियमित रूप से अल्ट्रासाउण्ड व इमरजेंसी अल्ट्रासाउण्ड किये जाते हैं। ब्लड बैंक की सुविधा भी 24x7 उपलब्ध है।
उक्त के अतिरिक्त हृदय एवं किडनी, यूरोसर्जरी जैसे रोगों के उपचार हेतु वर्तमान में सुपरस्पेशियालिटी सेवाएं उपलब्ध हैं। रोगियों को कलर डॉपलर इको कार्डियोग्राफी, ई0सी0जी0, डायलिसिस, पीडियाट्रिक सर्जरी इत्यादि की सुविधायें नियमित रूप से प्रदान की जा रही हैं।
उपर्युक्तानुसार।
प्रश्न नहीं उठता।
ब्रजेश पाठक
उप मुख्यमंत्री।
(क) क्या पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री बतायेंगे कि वाराणसी, मिर्जापुर व आजमगढ़ के मण्डलों के अन्तर्गत दिनांक 31 जनवरी, 2024 से दिनांक 31 जनवरी, 2025 तक कितने लोगों को उक्त विभाग की प्रचलित योजनाओं का लाभ प्राप्त हुआ है?
(ख) क्या उक्त का सम्पृूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
(ग) यदि नहीं तो क्यों?
(क) जी हॉं।
वाराणसी, मिर्जापुर व आजमगढ़ मण्डलों के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं से दिनांक 31 जनवरी, 2024 से 31 जनवरी, 2025 तक लाभान्वित पशुपालकों का विवरण निम्नवत है-
1- नन्द बाबा दुग्ध मिशन- योजनान्तर्गत मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना वाराणसी में 12 एवं मिर्जापुर 4, आजमगढ़ 11 कुल 27 लाभार्थी।
2- नन्दिनी कृषक समृद्धि- योजनान्तर्गत वाराणसी में 5, मिर्जापुर 5 एवं आजमगढ़ में 4 कुल 14 लाभार्थी।
3- मुख्यमंत्री प्रगति पशुपालक- योजनान्तर्गत वाराणसी में 152, मिर्जापुर 0 एवं आजमगढ़ 172 कुल 324 लाभार्थी।
4- पशु विकास जोखिम प्रबंधन एवं पशु बीमा- योजनान्तर्गत वाराणसी 3166, मिर्जापुर 2130 एवं आजमगढ़ 4420 कुल 9716 लाभार्थी।
5- पंडित दीनदयाल उपाध्याय वृहद पशु आरोग्य शिविर/ मेला (मण्डल स्तर/विकास खण्ड स्तर)- योजनान्तर्गत जनपद आजमगढ में 63 शिविर (वि०ख०) के लिए 39402, जनपद मिर्जापुर में 18 शिविरों (वि०ख०) के लिए 26348 पशु पंजीकृत हुए एवं जनपद वाराणसी अन्तर्गत 22 विकास खण्ड एवं 01 मण्डल स्तर मेला के लिए 14753 पशुओं को पंजीकृत किया गया। कुल 103 शिविर/मेले में पशुओं की सामान्य चिकित्सा, कृमिनाशक दवापान, लघु शल्य चिकित्सा, गर्भ परीक्षण, बांझपन चिकित्सा आदि द्वारा पशुपालकों को लाभान्वित किया गया।
6- त्वरित नस्ल सुधार कार्यक्रम- योजनान्तर्गत वाराणसी 115243, मिर्जापुर 79478, आजमगढ़ 85534 कुल 2,80,264 लाभार्थी।
7- लघु पशु विकास बकरी पालन- योजनान्तर्गत वाराणसी 80, मिर्जापुर 68 एवं आजमगढ़ 46 कुल 03 मण्डलों में 194 लाभार्थी।
8- भेंड़ पालन योजनान्तर्गत- वाराणसी 40, मिर्जापुर 60 एवं आजमगढ़ 30 कुल 03 मण्डलों में 130 लाभार्थी।
9- भेड़ पालकों को नस्ल सुधार हेतु मेढ़े उपलब्ध कराने योजनान्तर्गत- वाराणसी 104, मिर्जापुर 144 कुल 248 लाभार्थी। (आजमगढ़ मण्डल में योजना संचालित नहीं है।)
10- उ०प्र० कुक्कुट विकास नीति योजनान्तर्गत- वाराणसी 7, मिर्जापुर 2 एवं आजमगढ़ 2 कुल 11 इकाई की स्थापना हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किये गये है।
11- बैकयार्ड पोल्ट्री योजनान्तर्गत- वाराणसी, आजमगढ़ एवं मिर्जापुर मण्डलों में उ०प्र० दिनांक 31 जनवरी-2024 से 31 जनवरी, 2025 तक 2600 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है।
12- हरा चारा उत्पादन योजनान्तर्गत- वाराणसी 1770, मिर्जापुर 620 एवं आजमगढ़ 920 कुल 3315 लाभार्थियों को उन्नतशील चारा बीज निःशुल्क उपलब्ध कराने हेतु लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है।
13- मोबाइल वेटनरी यूनिट संचालन अन्तर्गत- वाराणसी-1,01,242, मिर्जापुर 69,266 एवं आजमगढ़ 1,09,119 कुल 03 मण्डलों में 2,79,627 लाभार्थी।
14- राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एन०ए०डी०सी०पी०) योजनान्तर्गत- वाराणसी मण्डल में 1457426 पशुपालकों, मिर्जापुर मण्डल में 853756 तथा आजमगढ़ मण्डल में 1151110 कुल 34,62,292 पशुपालकों को उपरोक्त योजना अन्तर्गत लाभ प्राप्त हुआ है।
15- भारत सरकार द्वारा संचालित नेशलन लाइव स्टाक मिशन योजानान्तर्गत- वाराणसी मण्डल में 14, मिर्जापुर में 05 एवं आजमगढ़ में 06 कुल 25 लाभार्थी।
(ख) उपर्युक्तानुसार।
(ग) प्रश्न नहीं उठता।
धर्मपाल सिंह
मंत्री,
पशुधन विभाग, उ0प्र0।क) क्या महिला कल्याण मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक नियन्त्रण सिग्नल रेड होने पर चौराहे पर एकाएक दुधमुहे बच्चें को लेकर महिलायें एवं कम उम्र के बच्चों के द्वारा भीख मॉगी जा रही है?
(ख) यदि हॉ, तो इनकी कुल संख्या कितनी है ?
(ग) क्या ऐसे निरीह एवं गरीबह मैले-कुचैले बच्चों एवं महिलाओं का भीख न मॉगना पड़े सरकार द्वारा कोई नीति स्थापित की गई है?
(घ) यदि हॉ, तो क्यों?
(ड़) क्या इस तरह के निराश्रित महिलाओं एवं अबोध बच्चों के प्रति कल्याणकारी योजना बनाने पर विचार करेंगे?
जी हॅा,
महिला कल्याण विभाग द्वारा सड़क जैसी स्थिति में रहने वाले बच्चों (Children in Street Situation) के चिन्हांकन व पुनर्वासन तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न हितधारक विभागों के समन्वय हेतु आदर्श नीति (The Model Policy) प्रख्यापित किये जाने संबंधी कार्यवाही की जा रही है।
इसके अतिरिक्त उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अन्तर्गत ऐसे बच्चे जिन्हें बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति, बाल वैश्यावृत्ति से मुक्त कराकर परिवार, पारिवारिक वातावरण में समायोजित कराया गया हो अथवा भिक्षावृत्ति, वैश्यावृत्ति में सम्मिलित परिवारों के बच्चों को भरण-पोषण व शिक्षा हेतु प्रति बच्चा रू0-2500/- प्रतिमाह दिये जाने का प्राविधान है। जनपद लखनऊ में ऐसे 256 बच्चों को लाभ प्रदान किया जा रहा है।
(बेबी रानी मौर्य)
मंत्री,
महिला कल्याण विभाग।
(क) क्या उप मुख्य मंत्री (चिकित्सा स्वास्थ्य) बतायेंगे कि जनपद-आजमगढ़ के विकास खण्ड-पल्हना में ब्लाक स्वास्थय इकाई का गठन हुआ है?
(ख) यदि हॉ,तो कब ?
(ग) यदि नहीं, तो क्यों?
जी नहीं।
प्रश्न नहीं उठता।
ब्रजेश पाठक
उप मुख्यमंत्री(क) क्या उप मुख्य मंत्री (चिक्तिसा एवं स्वास्थ्य) बतायेंगे कि प्रदेश में आयुष्मान मित्रों की संविदा बहाल किये जाने के संबंध में मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद व खण्डपीठ लखनऊ द्वारा याचिका संख्या-7401 सन 2023 अमन कुमार व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य याचिका संख्या-17827 सन 2023 वीरेन्द्र कुमार यादव, व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य याचिका संख्या-19598 सन 2023 वीरेन्द्र कुमार यादव व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य याचिका संख्या-17439 सन 2023 प्रेम शंकर भास्कर व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में पारित आदेश दिनांक 03.10.2023, 19.10.2023, 28.11.2023, 16.10.2023 का प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारी/मुख्य चिकित्सा अधिकारियोंं द्वारा अनुपालन किया गया है ?
(ख) प्रदेश में मा0 उच्च न्यायालय के उपरोक्त आदेशों के अनुपालन में आयुुष्मान मित्र किन-किन जनपदों मे बहाल कर दिये गये है उसका विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
(ग) वाराणसी जनपद में मा0 उच्च न्यायालय के ओदेशों का अनुपालन कब तक करा दिया जायेगा?
---[ माननीय मंत्री जी के अनुरोध पर स्थगित ]---
(क) क्या उप मुख्य मंत्री (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) बतायेंगे कि प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवंं परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश शासन के शासनोदश संख्या 873(1)/पॉच-5-2018-मले0-84/2018 अक्टूबर, 2018 के पत्र में सम्यक विचारोंपरान्त सहायक निदेशक के पद पर जिला मलेरिया अधिकारी से पदोन्नति द्वारा भरे जाने का निर्णय लिया गया है?
(ख)वर्ष 2018 के उक्त शासनोदश के उपरान्त कितने लोगों को सहायक निदेशक के पद पर जिला मलेरिया अधिकारी से पदोन्नत किया गया है ?
(ग) डेंंगू, मलेरिया, जे0ई0 के रोकथाम हेतु मण्डल स्तर पर सहायक निदेशक के कितने पद रिक्त है?
जी हॉ।
किसी की पदोन्नति नहीं की गयी है।
11 पद।
श्री ब्रजेश पाठक,
उप मुख्यमंत्री,
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
(क) क्या श्रम एवं सेवायोजन मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश के शिक्षित नव युवकों को श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अन्तर्गत रोजगार दिलाये जाने हेतु सरकार का वित्तीय वर्ष, 2022-23, 2023-24 व 2024-25 में कोई लक्ष्य निर्धारित था ?
(ख) यदि हॉं, तो लक्ष्य के सापेक्ष उक्त वित्तीय वर्षों में कितना कार्य किया गया है और कितना अवशेष है ?
(ग) क्या दिनांक 01 दिसम्बर, 2024 से दिनांक 31 जनवरी, 2025 तक विभाग द्वारा नवयुवकों को विशेष रोजगार उपलब्ध कराये जाने का कोई अभियान भी संचालित किया गया है ?
(घ) क्या उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे ?
(ड.) यदि नहीं, तो क्यों ?
जी हॉ।
वित्तीय वर्ष
रोजगार मेलों का आयोजन
चयनित अभ्यर्थियों की संख्या
लक्ष्य
प्रगति
लक्ष्य
प्रगति
2022-23
879
1,891
1,20,000
2,07,428
2023-24
944
2,208
1,32,160
2,68,082
2024-25
(31 जनवरी, 2025 तक)
1,884
2,284
2,47,650
2,47,091
रोजगार मेलों के माध्यम से निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाने का कार्य किया जा रहा है।
उपर्युक्तानुसार।
प्रश्न नहीं उठता।
अनिल राजभर
मंत्री,
श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उ0प्र0।
(क) क्या परिवहन मंत्री बतायेंगे कि जनपद लखनऊ के राजाजीपुरम अन्तर्गत सी0 ब्लॉक सेक्टर-10 में टयूबवेल नम्बर-10 भवन संख्या 10/4004 के सम्मुख स्थित पार्क के चारों ओर शाम 6:00 बजे से प्रतः10 बजे तक आवासीय परिसर में दर्जनों ट्रक सं0 UP A 32 CZ 4997, UP 32 DN 5907, UP 41 T 7723, UP 75 M7867, UP 42 T 3396, UP 42 BT6667, UP 32 Z2215, UP 78 AT 7440, UP 53 DT 7756, UP 34 AT 8149खड़े किये जा रहे है जिससे आवागमन बाधित रहता है तथा स्थानीय नागरिकों को भारी कठिनाई हो रही है तथा पार्क की बाउण्ड्री वाल भी क्षतिग्रस्त कर दी गयी है?
(ख) यदि हॉ,तो इसके लिए उत्तरदायी कौन है?
(ग)आवासीय परिसर पार्क के चारों ओर खड़े किये जा रहे वाहनों को परिवहन विभाग द्वारा "नो पार्किग" जोन घोषित करते हुए 04 बोर्ड नो पार्किग विगत 04 माह पूर्व लगवाये गये थे ?
(घ) यदि हॉ, तो क्या दबंग ट्रक संचालकों एवं ड्राइवरों द्वारा उक्त चारों बोर्ड उखाड़ कर गायब कर दिये गये है तथा जबरदस्ती वाहन खड़े किये जा रहे है?
(ड़) यदि हॉ, तो क्या अवैध रूप से खड़े किये जा रहे ट्रक के संचालकों/ड्राइवरों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करते हुए पुन: बोर्ड लगवाने तथा भविष्य में ट्रक न खड़े हो कठोर कार्यवाही कराते हुए संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी का उत्त्दायित्व निर्धारित करायेंगे?
दयाशंकर सिंह
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
परिवहन विभाग।(क) क्या श्रम एवं सेवायोजन मंत्री बतायेंगे कि दिनांक 31 जनवरी, 2024 से दिनांक 31 जनवरी, 2025 तक कितने नवयुवकों का वाराणसी मिर्जापुर व आजमगढ़ मण्डल के अन्तर्गत श्रम एवं सेवायोजन कार्यालयों में पंजीयन किया गया है और उनमें से कितनों को रोजगार प्राप्त कराया गया है ?
(ख) उक्त मण्डलों के अन्तर्गत श्रम एवं सेवायोजन कार्यालयों के अन्तर्गत रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु क्या-क्या प्रयास किये जा रहें है ?
(ग) क्या उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे ?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों ?
दिनांक 31 जनवरी, 2024 से दिनांक 31 जनवरी, 2025 तक वाराणसी, मिर्जापुर व आजमगढ़ मण्डल के सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकरण कराने वाले अभ्यर्थियों व रोजगार मेलों के माध्यम से रोजगार हेतु चयनित अभ्यर्थियों की संख्या निम्नवत् है :-
मण्डल का नाम
पंजीकृत अभ्यर्थियों की संख्या
चयनित अभ्यर्थियों की संख्या
वाराणसी मण्डल
33,047
29,183
मिर्जापुर मण्डल
13,709
12,862
आजमगढ़ मण्डल
30,437
13,355
उपरोक्तानुसार।
प्रश्न नहीं उठता।
अनिल राजभर
मंत्री,
श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उ0प्र0।
(क) क्या मुख्य मंत्री बतायेंगे कि वर्ष 2024 में उ0प्र0 राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति हेतु कब-कब विज्ञापन जारी किये गये है ?
(ख) कितने आवेदन अध्यक्ष पद एवं सदस्य पद हेतु प्राप्त हुए है ?
(ग) अध्यक्ष एवं सदस्य के पद पर कब तक नियुक्ति करा दी जायेगी ?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों ?
वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य आयोग अध्यक्ष के 01 पद एवं सदस्यों के 05 रिक्त पदों पर चयन हेतु दिनांक 21-12-2024 को विज्ञापन प्रकाशित किया गया।
उ०प्र० राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष पद हेतु कुल 53 एवं सदस्यों के रिक्त पदों हेतु कुल 119 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं।
उ०प्र० राज्य खाद्य आयोग में अध्यक्ष एवं सदस्यगण की नियुक्ति के सम्बन्ध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
प्रश्न नहीं उठता।
योगी आदित्यनाथ
मुख्य मंत्री।
(क) क्या परिवहन मंत्री बतायेंगे कि विधान परिषद के तृतीय सत्र 2024 के प्रथम बुधवार हेतु निर्धारित डा0 मानसिंह यादव, सदस्य विधान परिषद द्वारा पूछे गयेे अतारांंकित प्रश्न संख्या-4 के खण्ड (ख व ग) में कहा गया है कि उक्त मार्ग से रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है?
(ख) यदि हॉ, तो कितनी बसों का संचालन हो रहा है ?
(ग) उक्त बसों की संख्या व मल्हारा चौराहे तक आने व जाने की समय सारणी की सूूची सदन की मेज पर रखेंगे?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों?
(क) जी नहीं।
नवनिर्मित सिग्नेचर सिटी बस स्टेशन से आजाद मार्ग होकर लखनऊ, अयोध्या धाम तक बसें संचालित थीं। वर्तमान में उक्त मार्ग पर स्थित सरैया रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य होने के कारण जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा बड़ी बसों का आवागमन बंद कर दिया गया है। फलस्वरूप वर्तमान में उक्त मार्ग पर बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है।
(ख) उपरोक्तानुसार।
(ग) उपरोक्तानुसार।
(घ) उपरोक्तानुसार।
दयाशंकर सिंह
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
परिवहन विभाग।(क) क्या मुख्य मंत्री बतायेंगे कि प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग में कार्यरत विपणन निरीक्षक से क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की प्रोन्नति न होने के कारण उक्त विभाग में कार्यरत कनिष्ठ सहायकों को भी प्रोन्नति से वंचित होना पड़ रहा है?
(ख) यदि हॉ, तो कब तक उक्त कार्मिकों की प्रोन्नति कराते हुए उक्त विभाग में कार्यरत कनिष्ठ सहायकों को भी प्रोन्नति का लाभ प्राप्त करा दिया जायेगा?
(ग)क्या उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों?
जी नहीं,
उक्त के सम्बन्ध में कृपया अवगत कराना है कि मा0 उच्च न्यायालय, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या-1070/2020 में मा0 उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 17.01.2020 एवं रिट याचिका संख्या-6434/2020 में मा0 उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 04.03.2020 द्वारा विपणन निरीक्षकों की अनन्तिम राज्य स्तरीय ज्येष्ठता सूची फाइनल करने पर रोक है।
प्रकरण में कार्यालय, आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग के पत्र संख्या-2128 दिनांक 19.04.2023 एवं पत्र संख्या-1245 दिनांक 22.03.2024 द्वारा मुख्य स्थायी अधिवक्ता मा0 उच्च न्यायालय, लखनऊ से मा0 उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश दिनांक 17.01.2020 व स्थगन आदेश दिनांक 04.03.2020 को अपास्त किये जाने का अनुरोध किया गया है।
योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री।
(क) क्या होमगार्डस मंत्री बतायेंगे कि होमगार्डस विभाग रायबरेली में कार्यरत कार्मिकों के निधन के उपरान्त उनके आश्रितों को मृतक आश्रित कोटे के अन्तर्गत अनुकम्पा नियुक्ति दिलाये जाने हेतु प्रश्नकर्ता का पत्र दिनांक 06 नवम्बर, 2024 जो कि प्रमुख सचिव मुख्य मंत्री को सम्बोधित था, प्राप्त हुआ है?
(ख) यदि हॉ, तो उक्त पत्र के माध्यम से किये गये अनुरोध पर कार्यवाही पूर्ण करा दी गयी है?
(ग) यदि नहीं,तो क्यों और कब तक उक्त अनुुरोध को पूर्ण करा दिया जायेगा?
(घ) यदि नहीं, तो क्यों?
(क) यह कार्मिक के निधन के उपरान्त उनके आश्रित को मृतक आश्रित कोटे के अन्तर्गत अनुकम्पा नियुक्ति दिलाए जाने का प्रकरण नहीं है, अपितु स्थायी रूप से दिव्यांग/अपंग होमगार्ड्स के आश्रित को होमगार्ड्स स्वयंसेवक के अवैतनिक पद पर सेवायोजित किए जाने का प्रकरण है। जिला कमाण्डेण्ट, होमगार्ड्स, रायबरेली के पत्र दिनांक: 15-01-2025 के साथ आवेदिका कु0 रीता देवी के पिता श्री इन्द्रसेन, होमगार्ड जनपद रायबरेली के स्थायी रूप से दिव्यांगता से सम्बन्धित प्रकरण, जिसमें आवेदिका के भाई श्री सत्येन्द्र कुमार को होमगार्ड्स स्वयंसेवक के पद पर सेवायोजित करने का अनुरोध किया गया है, होमगार्ड्स मुख्यालय पर प्राप्त हुआ है।
(ख) स्थायी रूप से दिव्यांग होमगार्ड्स स्वयंसेवकों के प्रकरणों का परीक्षण कराए जाने के दृष्टिगत शासनादेश संख्या-51/2024/2526/ 95-1099/37/ 2021, दिनांक: 03 दिसम्बर, 2024 द्वारा नवीन प्रक्रिया का निर्धारण करते हुए प्राविधान किया गया है कि महासमादेष्टा, होमगार्ड्स, उत्तर प्रदेश द्वारा एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्तर के अधिकारी सदस्य रहेंगे। होमगार्ड्स स्वयंसेवकों के सेवाकाल में स्थायी दिव्यांग होने की स्थिति में सम्बन्धित जनपद स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकारी की समिति की संस्तुति संबंधित जिला कमाण्डेन्ट, होमगार्ड्स, महासमादेष्टा, होमगार्ड्स, उत्तर प्रदेश को भेजेंगे तथा उक्त प्रस्ताव पर समस्त तथ्यों का परीक्षण कर संज्ञान लेते हुए महासमादेष्टा, होमगार्ड्स द्वारा गठित उक्त समिति विचार करके आश्रित की नियुक्ति के सम्बन्ध में अपनी संस्तुति करेगी। समिति की संस्तुति के उपरान्त ही आश्रित की भर्ती, नियुक्त प्राधिकारी द्वारा की जायेगी।
जिला कमाण्डेन्ट, होमगार्ड्स, रायबरेली के पत्र संख्या-37/हो0गा0-आश्रित पत्रा0/2019 दिनांक 15-01-2025 के माध्यम से होमगार्ड श्री इन्द्रसेन, रे0नं0-6084020687, कम्पनी-जगतपुर, जनपद रायबरेली का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। शीघ्र ही श्री इन्द्रसेन के प्रकरण को निर्धारित समिति के समक्ष परीक्षण हेतु प्रस्तुत करते हुए निर्णीत करा लिया जाएगा।
(ग) उपरोक्तानुसार।
(घ) उपरोक्तानुसार।
धर्मवीर प्रजापति
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
(क) क्या मुख्य मंत्री बतायेंगे कि विद्यालय के भवन निर्माण के लिए नींव खुदाई के लिए जो खुदाई की जाती है उसके लिए उत्तर प्रदेश खनिज विभाग से कोई अनापत्ति लेनी पड़ती है?
(ख) यदि कोई अनापत्ति ली जाती है तो वह कैसे ली जाती है एवं इसके लिए क्या नियम है?
(ग) यदि विद्यालय के द्वारा भवन निर्माण के लिए नींव खोदने के लिए मिट्टी हटाई जाती है तो उस पर किसी प्रकार का जुर्माना या सजा का प्राविधान है?
(घ) इसका समस्त विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
लागू नहीं।
उ०प्र० उपखनिज (परिहार) नियमावली‚ 2021 (यथासंशोधित) के नियम 53(1) में निम्नलिखित व्यवस्था दी गयी हैः–
प्रतिबन्ध यह है कि गैर वाणिज्यिक निजी आवासीय भवन से छूट प्राप्त होंगे
उपरोक्तानुसार।
(क) क्या कारागार मंंत्री बतायेगे कि जनपद-सिद्धार्थनगर की कारागार में मुलाकात व्यस्था के अन्तर्गत कम्पूटर पर बन्दियों के नाम फीड करने पर ही मुलाकात की व्यवस्था है?
(ख) यदि हॉ, तो क्या नाम फीड होने से लेकर बन्दियों के परिजनों से मुलाकात होने तक बन्दियों और परिजनों के पाकेट में रखें पैसें जबरन ले लिये जाते है?
(ग) यदि हॉ, तो क्यों?
(घ) यदि नहीं, तो बन्दियों के परिजनों के लाइन में लगने से मुलाकात होने तथा अपने बैरक तक जाने के रास्ते में सी0सी0 कैमरे लगे हुए है?
(ड़) क्या सी0सी0 कैमरेंं की फुटेज तथा परिजनों के साथ किये गये र्दुव्यवहार की उच्च स्तरीय जॉच कराकर आख्या सदन की मेज पर रखेंगे?
जी हॉ।
जी नहीं।
प्रश्न नहीं उठता।
जी हॉ।
कारागार में मुलाकात की व्यवस्था की निगरानी सी0सी0टी0वी0 कैमरे द्वारा की जाती है।
कारागार में किसी भी बंदी के परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की घटना प्रकाश में नहीं आई है।
दारा सिंह चौहान
मंत्री,
कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग।
(क) क्या कारागार मंंत्री बतायेगे कि कारागारों में बन्दियों से श्रम लिये जाने की व्यवस्था है?
(ख) क्या उसके बदले में दिये गये पारश्रमिक का भुगतान जेल प्रशासन में निहित होता है?
(ग) यदि हॉ, तो कुशल एवं अर्धकुशल/अकुशल बन्दियों के पारश्रमिक के मामले में जेल प्रशासन द्वारा कुशल बन्दियों को भी अकुशल बन्दियों के रूप में गणना कर लिया जाता है?
(घ) बन्दियों के श्रेणीवार पारिश्रमिक दरें तय करने की व्यवस्था क्या है?
(ड़) क्या जनपद सिद्धार्थनगर के कारागार में श्रम केे नाम पर हो रहे बन्दियों के शोषण की उच्चस्तरीय जॉच कराकर आख्या सदन की मेज पर रखेंगे ?
जी हाँ,
जी हाँ,
जी नहीं, शासनादेश दिनांक 08.08.2023 द्वारा कुशल, अर्द्धकुशल एवं अकुशल बन्दियों की पारिश्रमिक की दरें अलग-अलग निर्धारित की गयी है, जिसके अनुसार ही बन्दियों को उनके कौशल के अनुसार पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है।
शासनादेश दिनांक 08.08.2023 के अनुसार वर्तमान में कुशल, अर्द्धकुशल एवं अकुशल बन्दियों को पारिश्रमिक के रूप में रू0 81/-, रू0 60/- एवं रू0 50/- का भुगतान किया जा रहा है, जिसे प्रत्येक वर्ष की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक/मंहगाई की बढ़ी दरों के आधार पर पुनरीक्षित किये जाने की व्यवस्था है।
जनपद सिद्धार्थनगर के कारागार में श्रम के नाम पर हो रहे बन्दियों के शोषण के सम्बन्ध में किसी प्रकार का कोई तथ्य संज्ञान में नहीं आया है।
दारा सिंह चौहान
मंत्री
कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग।
(क) क्या औद्योगिक विकास मंत्री बतायेंगें कि प्रदेश के शिक्षित नव युवकों को औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत रोजगार दिलाये जाने हेतु सरकार को वित्तीय वर्ष , 2022-2023, 2023-2024, व 2024-2025 में क्या - क्या लक्ष्य था और लक्ष्य के सापेक्ष कितना कार्य किया गया है और कितना कार्य अवशेष है ?
(ख) क्या उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे ?
(ग) यदि नहीं, तो क्यों ?
(क) औद्योगिक विकास विभाग द्वारा प्रदेश के शिक्षित नव युवकों को रोजगार मुहैया कराए जाने के उददेश्य से बहुआयामी प्रयास किए जा रहे है। निजी निवेश आकर्षित किए जाने के उददेश्य से रोजगार परक नीतियां निर्धारित की गई है, जिसमें आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन एवं अन्य सुविधाएं प्राविधानित की गई है। उक्त नीतियों के प्रख्यापन के परिणाम स्वरूप उ0प्र0 प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में उदित हुआ है।
वर्ष 2018 में इन्वेस्टर समिट-2018 आयोजित किया गया है जिसमें बहुत सारी औद्योगिक समूहों द्वारा निवेश के प्रस्ताव दिए गए है, जिसके क्रम में कुल 1045 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए। उक्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर क्रियान्वयन हेतु तीन ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह क्रमश: जुलाई 2018, जुलाई, 2019 तथा जून, 2022 में आयोजित किया गया था। इन्वेस्टर समिट-2018 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन/निवेश प्रस्तावों में से 70 प्रतिशत के उपर निवेश प्रस्ताव धरातल पर क्रियान्वित हो चुके है और धरातल पर औद्योगिक इकाईयां क्रियाशील होकर धरातल पर अपना कार्य प्रारम्भ कर चुकी हैं।
वर्ष 2022 में तृतीय ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह का आयोजन किया गया था। जिसमें कुल 1406 औद्योगिक इकाईयों द्वारा प्रतिभाग किया गया था, जिसमें से 579 औद्योगिक इकाईयों द्वारा अपना वाणिज्यिक उत्पादन धरातल पर प्रारम्भ कर दिया गया है, जिसके फलस्वरूप 2,20,805 रोजगार सृजित हुआ है।
पुन: माह फरवरी, 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 का आयोजन किया गया। लगभग रू0 33,52,553.02 करोड के निवेश के प्रस्ताव के लगभग 19,250 एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित किये गये हैं, जिसके क्रम में औद्योगिक विकास विभाग द्वारा फरवरी, 2024 में चतुर्थ ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें कुल 14,701 औद्योगिक इकाईयों द्वारा प्रतिभाग किया गया था। उक्त औद्योगिक इकाईयों के निवेश आशय के फलस्वरूप कुल 33,58,914 रोजगार सृजन सम्भावित था। चतुर्थ ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह में सम्मिलित परियोजनोओं /इकाईयों में से रू0 2,78,476.00 करोड के निवेश के साथ कुल 7382 परियोजनाओं द्वारा अपना वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ कर दिया गया है, जिसमें 15,53,943 रोजगार सृजित हुआ है।
बुन्देलखण्ड क्षेत्र में औद्योगिक इकाईयों की स्थापना को सुलभ बनाने हेतु बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। उक्त क्षेत्र में औ द्योगिक इकाईयों की स्थापना के फलस्वरूप वृहद पैमाने पर रोजगार सृजन की सम्भावना है।
(ख) उक्त विवरण की 20 प्रतियां मा0 सदन के पटल पर रख दी गई है।
(ग) प्रश्न नहीं उठता।
(क) क्या उप मुख्यमंत्री(चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) बतायेंगे कि वित्तीय वर्ष, 2022-23,2023-24 व 2024-25 में प्रदेश के जिला चिकित्सालयों में वर्ष-वार मरीजों के इलाज की सुविधाओं में क्या-क्या बढ़ोत्तरी की गयी है?
(ख) क्या प्रदेश के जिला चिकित्सालयों में मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि भी हो रही है?
(ग) यदि हाँ, तो सरकार स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान हेतु क्या-क्या कार्य कर रही है और इसकी देख-रेख जनपद के किन-किन अधिकारियों की निगरानी में किया जा रहा है?
(घ) क्या उक्त का सम्पूर्ण विवरण सदन की मेज पर रखेंगे?
(ड़) यदि, नहीं तो क्यों
प्रदेश के जिला चिकित्सालयों में वर्ष-वार मरीजों के इलाज की सुविधाओं में निम्नलिखित बढ़ोत्तरी की गयी है:-
क्र.सं.
सुविधायें
वित्तीय वर्ष
2022-23
वित्तीय वर्ष
2023-24
वित्तीय वर्ष
2024-25
1
नवनिर्मित चिकित्सालय की संख्या
7
6
14
2
ब्लड कम्पोनेन्ट सेपरेशन यूनिट (बी.सी.एस.यू.)
49
55
63
3
सी0टी0स्कैन यूनिट (पी0पी0पी0 मोड)
72
71
72
4
डायलिसिस यूनिट
(पी0पी0पी0 मोड)
72
75
75
5
वेन्टीलेटर
363
1286
1931
6
अल्ट्रासाउण्ड
391
429
454
7
ई-संजीवनी टेली कंसल्टेशन
3814000
15275000
17773000
उक्त सभी विभागीय चिकित्सालयों में सभी वर्गों के जनमानस को समुचित नि:शुल्क चिकित्सीय सुविधायें जैसे-चिकित्सीय परामर्श, ओ0पी0डी0, आई0पी0डी0, पैथालॉजी जॉच, एक्स-रे तथा दवाइयॉ इत्यादि उपलब्ध करायी जा रही हैं।
जी नहीं।
प्रश्न ही नहीं उठता ।
उपरोक्तानुसार।
प्रश्न नहीं उठता।
ब्रजेश पाठक
उप मुख्यमंत्री।